Bareilly: लोकेटर मशीन में धमाके की जांच शुरू, डेमो के दौरान हुई थी घटना, बाल-बाल बचे थे मंत्री और अधिकारी
अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाने और लोकेटर मशीन का डेमो देने के लिए वनमंत्री को बुला तो लिया, मगर यह सुनिश्चित नहीं किया गया कि लोकेटर मशीन का ट्रायल हुआ है या नहीं।
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बरेली के रामपुर गार्डन स्थित बिजली घर में सोमवार बिजली फाल्ट खोजने वाली लोकेटर मशीन के डेमो के दौरान हादसा हो गया था। इस हादसे से वनमंत्री डॉ अरुण कुमार कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम शिवाकांत द्विवेदी और नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स समेत कई अधिकारी बाल-बाल बचे थे। घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसने जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाने और लोकेटर मशीन का डेमो देने के लिए वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार को बुला तो लिया, मगर यह सुनिश्चित नहीं किया गया कि इसका ट्रायल हुआ है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक बिना ट्रायल के ही डेमो दे दिया गया और धमाका हो गया।
85 लाख रुपये में खरीदी गई मशीन
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लोकेटर मशीन को 85 लाख रुपये में खरीदा गया। अधिकारियों के मुताबिक अंडरग्राउंड लाइन में फाल्ट होने की स्थिति में इस मशीन को उस सड़क के ऊपर से गुजारा जाता है। जहां फाल्ट होता है, उसके ऊपर पहुंचने पर इसमें से आवाज आने लगती है।
इसी गाड़ी को हरी झंडी दिखाने के बाद इसका डेमो दिया जा रहा था और उसमें धमाका हो गया। हादसे के बाद कमिश्नर, डीएम ने भी अधिकारियों से नाराजगी दिखाई। इसमें साफतौर पर विभागीय लापरवाही सामने आ रही है।
संविदाकर्मी को अस्पताल देखने पहुंचीं कमिश्नर
वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम शिवाकांत द्विवेदी हादसे के बाद जिला अस्पताल पहुंचे। यहां भर्ती संविदा कर्मचारी का हालचाल जाना। डॉक्टरों से बातकर बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
मुख्य अभियंता ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई
मुख्य अभियंता राजीव कुमार शर्मा ने धमाके की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। पीलीभीत के एसई एके मधुकर, बरेली ग्रामीण क्षेत्र के एसई अशोक कुमार चौरसिया और परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता केके राठौर को सदस्य बनाया गया है। इन्हें सात दिन में जांच रिपोर्ट देनी है।