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Bareilly News: जांच पर जांच... 28 पर मुकदमा, पर गबन की रकम का जिक्र तक नहीं
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बरेली। छह खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थानों को फर्जी दस्तावेजों के आधार ऋण वितरण के मामले में एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर प्रवीण सान्याल की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में गबन की गई रकम का जिक्र तक नहीं। 17 पन्नों की एफआईआर में एक नायब तहसीलदार, तीन लेखपाल, नगर पालिका परिषद के एक लिपिक और रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारी समेत 28 आरोपी बनाए गए हैं। मामले की दो बार जांच भी कराई गई, पर गबन की रकम का पता नहीं चल सका।
संस्थानों के पदाधिकारियों ने ऋण के लिए बंधक भूमि के प्रपत्रों में फर्जीवाड़ा किया। प्रपत्रों की जांच का जिम्मा संभालने वाले सरकारी कर्मचारियों ने भी खेल कर दिया। गायत्री ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के दस्तावेजों की जांच नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने, सगीर ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के अभिलेखों की जांच लेखपाल नाजिम मियां, सीगा ग्रामोद्योग सेवा संस्थान का अख्तर हुसैन और स्वास्तिक ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के दस्तावेजों की जांच लेखपाल मोहम्मद शरीफ ने की थी। शुक्ला गुड़ खांडसारी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के अभिलेखों की जांच नगर पालिका फरीदपुर के लिपिक महेंद्र और जेएमडी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के अभिलेखों की जांच रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारी महेश चंद्र ने की थी।
इन सभी ने सही जांच रिपोर्ट न देकर भू अभिलेखों का गलत मूल्यांकन दिया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की संस्तुति के बाद मई 2023 में एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच पूरी कर अप्रैल 2024 में रिपोर्ट भेज दी गई। मामले में अब रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गबन की गई रकम का खुलासा विवेचना के दौरान हो सकता है। संवाद
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संस्थानों के पदाधिकारियों ने ऋण के लिए बंधक भूमि के प्रपत्रों में फर्जीवाड़ा किया। प्रपत्रों की जांच का जिम्मा संभालने वाले सरकारी कर्मचारियों ने भी खेल कर दिया। गायत्री ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के दस्तावेजों की जांच नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने, सगीर ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के अभिलेखों की जांच लेखपाल नाजिम मियां, सीगा ग्रामोद्योग सेवा संस्थान का अख्तर हुसैन और स्वास्तिक ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के दस्तावेजों की जांच लेखपाल मोहम्मद शरीफ ने की थी। शुक्ला गुड़ खांडसारी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के अभिलेखों की जांच नगर पालिका फरीदपुर के लिपिक महेंद्र और जेएमडी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के अभिलेखों की जांच रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारी महेश चंद्र ने की थी।
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इन सभी ने सही जांच रिपोर्ट न देकर भू अभिलेखों का गलत मूल्यांकन दिया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की संस्तुति के बाद मई 2023 में एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच पूरी कर अप्रैल 2024 में रिपोर्ट भेज दी गई। मामले में अब रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गबन की गई रकम का खुलासा विवेचना के दौरान हो सकता है। संवाद
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