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Bareilly News: निर्देशों पर नहीं किया अमल, पिस्टल भी नहीं खोल सके इंस्पेक्टर, निलंबित
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बरेली। एसएसपी के निरीक्षण के दौरान फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी राजेश बाबू मिश्रा अपनी पिस्टल भी नहीं खोल सके। एक दिन पहले ही एसएसपी ने ऑनलाइन मीटिंग में निरीक्षण को लेकर बिंदुवार निर्देश दिए थे। वह थाने पहुंचे तो वहां ठीक इसका उल्टा मिला। थाने की साज-सज्जा तो की गई थी, पर अभिलेख अधूरे मिले। इस पर एसएसपी ने मौके पर ही उनको निलंबित कर दिया। भमोरा थाने के इंस्पेक्टर क्राइम प्रदीप चतुर्वेदी को फतेहगंज पश्चिमी थाने का नया प्रभारी बनाया है।
बुधवार को एसएसपी अनुराग आर्य फतेहगंज पश्चिमी थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी राजेश बाबू मिश्रा ने परिसर में मैट बिछवा रखी थी। नाश्ते का प्रबंध भी किया था, पर एसएसपी ने जब रजिस्टर के पन्ने पलटे तो हैरान रह गए। नवंबर में 147 वारंटियों में से केवल सात और पूरे वर्ष में 450 वारंटियों में से सिर्फ 70 ही गिरफ्तार कर जेल भेजे गए। बाकी के बारे में एसओ कुछ नहीं बता पाए।
बीट बुक एक साल से थाने पर मौजूद होने के बावजूद किसी सिपाही को नहीं दी गई। संपूर्ण समाधान दिवस के मामले अनसुलझे पड़े थे। 24 घंटे पहले दिए गए निर्देश भी थाना प्रभारी को याद नहीं रहे।
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किसी पर नहीं खुली पिस्टल तो दिलाई ट्रेनिंग
24 घंटे से शस्त्र की रिहर्सल करने के बाद भी एसएसपी के सामने इंस्पेक्टर समेत कई दरोगा पिस्टल नहीं खोल पाए। यह भी पता लगा कि थाने के उप निरीक्षकों को शस्त्र आवंटित ही नहीं किया गया है। तब एसएसपी ने आधे घंटा तक अपने सामने ही उनको शस्त्र की ट्रेनिंग दिलाई। शस्त्रागार में सफाई नहीं होने से असलहों पर जंग आ गई थी। इस बावत उन्होंने सवाल पूछा तो कोई दरोगा जवाब नहीं दे सका।
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जनसुनवाई में भी फेल, दो कर्मियों को ढाई हजार इनाम
जन सुनवाई प्रकरण की समीक्षा की गई तो पूरी जिम्मेदारी थाने पर तैनात दीवान दिनेश कुमार और महिला सिपाही अरुणा त्यागी बेहतर तरीके से निभाते पाए गए। उन्होंने हर पीड़ित का फीडबैक लेने के बाद रिपोर्ट बना रखी थी जो चेक करने पर अपडेट पाई गई। एसएसपी ने दोनों को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। वहीं थाना प्रभारी स्तर पर जन सुनवाई में भी कोई रुचि नहीं ली गई। पीड़ितों से दोपहर बाद 3 से 5 बजे तक बात करने का समय दिए जाने पर भी वह निस्तारण नहीं करा पाए।
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फतेहगंज पश्चिमी थाने में प्रभारी स्तर पर कई खामियां मिली हैं। थाना प्रभारी अपने दायित्वों के प्रति निष्क्रिय दिखे। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया। थाने पर जन सुनवाई पटल के कर्मचारियों का काम बेहतर मिला तो उन्हें इनाम देने की घोषणा की गई है। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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बुधवार को एसएसपी अनुराग आर्य फतेहगंज पश्चिमी थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी राजेश बाबू मिश्रा ने परिसर में मैट बिछवा रखी थी। नाश्ते का प्रबंध भी किया था, पर एसएसपी ने जब रजिस्टर के पन्ने पलटे तो हैरान रह गए। नवंबर में 147 वारंटियों में से केवल सात और पूरे वर्ष में 450 वारंटियों में से सिर्फ 70 ही गिरफ्तार कर जेल भेजे गए। बाकी के बारे में एसओ कुछ नहीं बता पाए।
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बीट बुक एक साल से थाने पर मौजूद होने के बावजूद किसी सिपाही को नहीं दी गई। संपूर्ण समाधान दिवस के मामले अनसुलझे पड़े थे। 24 घंटे पहले दिए गए निर्देश भी थाना प्रभारी को याद नहीं रहे।
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किसी पर नहीं खुली पिस्टल तो दिलाई ट्रेनिंग
24 घंटे से शस्त्र की रिहर्सल करने के बाद भी एसएसपी के सामने इंस्पेक्टर समेत कई दरोगा पिस्टल नहीं खोल पाए। यह भी पता लगा कि थाने के उप निरीक्षकों को शस्त्र आवंटित ही नहीं किया गया है। तब एसएसपी ने आधे घंटा तक अपने सामने ही उनको शस्त्र की ट्रेनिंग दिलाई। शस्त्रागार में सफाई नहीं होने से असलहों पर जंग आ गई थी। इस बावत उन्होंने सवाल पूछा तो कोई दरोगा जवाब नहीं दे सका।
जनसुनवाई में भी फेल, दो कर्मियों को ढाई हजार इनाम
जन सुनवाई प्रकरण की समीक्षा की गई तो पूरी जिम्मेदारी थाने पर तैनात दीवान दिनेश कुमार और महिला सिपाही अरुणा त्यागी बेहतर तरीके से निभाते पाए गए। उन्होंने हर पीड़ित का फीडबैक लेने के बाद रिपोर्ट बना रखी थी जो चेक करने पर अपडेट पाई गई। एसएसपी ने दोनों को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। वहीं थाना प्रभारी स्तर पर जन सुनवाई में भी कोई रुचि नहीं ली गई। पीड़ितों से दोपहर बाद 3 से 5 बजे तक बात करने का समय दिए जाने पर भी वह निस्तारण नहीं करा पाए।
फतेहगंज पश्चिमी थाने में प्रभारी स्तर पर कई खामियां मिली हैं। थाना प्रभारी अपने दायित्वों के प्रति निष्क्रिय दिखे। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया। थाने पर जन सुनवाई पटल के कर्मचारियों का काम बेहतर मिला तो उन्हें इनाम देने की घोषणा की गई है। - अनुराग आर्य, एसएसपी