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एक साथ जलीं चार चिताएं: रोजगार की तलाश में हरियाणा निकले थे 11 मजदूर, लौटे पांच के शव; तस्वीरों में देखें मंजर

Fri, 04 Sep 2026 08:21 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: विकास कुमार Updated Fri, 04 Sep 2026 08:21 PM IST
सार

मृतक रामनरेश, नेवाराम, सुशील और 28 वर्षीय अग्रपाल के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुक्तिधाम में एक साथ चार चिताएं सजते ही वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें छलक उठीं। चार परिवारों के अपनों को एक ही स्थान पर अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि के दौरान माहौल बेहद गमगीन हो गया। 

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Four funeral pyres lit simultaneously 11 laborers from Pilibhit gone to Haryana for work
एक साथ जली चार चिताएं - फोटो : अमर उजाला

बुधवार रात यूपी के पीलीभीत स्थित दियोरियाकला थाना के बड़ेपुरा कुसुमा गांव के जिन घरों से रोजी-रोटी कमाने की उम्मीद लेकर 11 मजदूर हरियाणा के लिए निकले थे, शुक्रवार शाम तक उन्हीं घरों में खुशियों की जगह मातम पसर गया। सोनीपत में हुए भीषण सड़क हादसे ने पांच परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। घर से विदा करते समय परिजनों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिन अपनों के सकुशल लौटने की प्रतीक्षा होगी, उनकी जगह कुछ घंटों बाद एंबुलेंस से उनके शव पहुंचेंगे। बच्चों को पिता के लौटने का इंतजार था, पत्नियों ने मुस्कुराकर विदा किया था और बुजुर्ग माता-पिता ने सकुशल वापसी की दुआ की थी, लेकिन हादसे की खबर ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।



Four funeral pyres lit simultaneously 11 laborers from Pilibhit gone to Haryana for work
अंतिम संस्कार करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

एंबुलेंस गांव पहुंची तो मच गई चीख-पुकार
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे जैसे ही एंबुलेंस शव लेकर गांव की सीमा में पहुंची, वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों और परिजनों का कलेजा कांप उठा। शवों को देखते ही परिजन बदहवास हो गए। माताओं की चीख-पुकार, पत्नियों का विलाप और मासूम बच्चों का रोना सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
 

Four funeral pyres lit simultaneously 11 laborers from Pilibhit gone to Haryana for work
चर्चा करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

नहीं जले चूल्हे
हादसे के बाद से गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। जिस गांव में दो दिन पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी की चहल-पहल थी, वहां शुक्रवार को हर तरफ सन्नाटा और गम का माहौल था। लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचते रहे, लेकिन किसी के पास परिजनों के आंसू रोकने के लिए शब्द नहीं थे।

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Four funeral pyres lit simultaneously 11 laborers from Pilibhit gone to Haryana for work
ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

चार चिताएं एक साथ जलीं तो नम हो गईं हजारों आंखें
प्रशासन ने शवों के गांव पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू करा दी थीं। मुक्तिधाम जाने वाले रास्ते की सफाई के लिए करीब 30 लोगों की टीम लगाई गई। शाम करीब छह बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।

मृतक रामनरेश, नेवाराम, सुशील और 28 वर्षीय अग्रपाल के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुक्तिधाम में एक साथ चार चिताएं सजते ही वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें छलक उठीं। चार परिवारों के अपनों को एक ही स्थान पर अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि के दौरान माहौल बेहद गमगीन हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने गांव में ऐसा दुखद दृश्य पहले कभी नहीं देखा।

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Four funeral pyres lit simultaneously 11 laborers from Pilibhit gone to Haryana for work
अंतिम संस्कार में शामिल लोग - फोटो : अमर उजाला

चालक आरिफ के घर भी मचा कोहराम
हादसे में जान गंवाने वाले सुजनी निवासी 25 वर्षीय वाहन चालक आरिफ के घर पर भी मातम पसरा है। आरिफ की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और बच्चे बदहवास हैं। हादसे ने मजदूरी के लिए निकले परिवारों के साथ वाहन चालक के परिवार को भी गहरा सदमा दिया है।

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