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Bareilly News: बेसन में मिले कीड़े, 127 नमूने गुणवत्ता में फेल
Fri, 05 Sep 2025 02:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 05 Sep 2025 02:22 AM IST
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बरेली। बाजार में बिक रहे राशन से लेकर अन्य खाद्य पदार्थों में व्यापक स्तर पर मिलावट की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों की ओर से लिए गए नमूनों में से 127 गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे। फरीदापुर चौधरी में आरिफ खान के यहां के लिए गए बेसन के नमूने में जिंदा व मृत कीड़े पाए गए हैं। भोजीपुरा के मसीत निवासी वीरपाल के यहां की साबुत हल्दी जांच में रंगी हुई मिली। संबंधित दुकानदारों को अभिहित अधिकारी ने नोटिस जारी किया है।
इसी तरह प्रहलादपुर के मेहंदी हसन के यहां का गेहूं का आटा गुणवत्ता में खराब पाया गया है। कन्हैया लाल धर्मशाला के पास के नीरज कुकरैती के यहां का हल्दी पाउडर भी गुण्वत्ता पर खरा नहीं उतरा। अरहर दाल, सरसों के तेल, मूंगफली दाना, चाय पत्ती, धनिया पाउडर, मैदा, चिकन बिरयानी, टमाटर की चटनी आदि भी गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए मेरठ व लखनऊ स्थित प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे। इनमें 229 नमूनों की रिपोर्ट मिल गई है। इसमें से 127 नमूने गुणवत्ता में फेल पाए गए हैं। भेजे गए थे। संबंधित लोगों को नोटिस देकर कहा गया है कि यदि वह अपने संबंधित खाद्य पदार्थ की दोबारा जांच कराना चाहते हैं तो 30 दिन में प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। अन्यथा उनके विरुद्ध अगली कार्रवाई के लिए न्यायालय में वाद दाखिल किए जाएंगे।
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इसी तरह प्रहलादपुर के मेहंदी हसन के यहां का गेहूं का आटा गुणवत्ता में खराब पाया गया है। कन्हैया लाल धर्मशाला के पास के नीरज कुकरैती के यहां का हल्दी पाउडर भी गुण्वत्ता पर खरा नहीं उतरा। अरहर दाल, सरसों के तेल, मूंगफली दाना, चाय पत्ती, धनिया पाउडर, मैदा, चिकन बिरयानी, टमाटर की चटनी आदि भी गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
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अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए मेरठ व लखनऊ स्थित प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे। इनमें 229 नमूनों की रिपोर्ट मिल गई है। इसमें से 127 नमूने गुणवत्ता में फेल पाए गए हैं। भेजे गए थे। संबंधित लोगों को नोटिस देकर कहा गया है कि यदि वह अपने संबंधित खाद्य पदार्थ की दोबारा जांच कराना चाहते हैं तो 30 दिन में प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। अन्यथा उनके विरुद्ध अगली कार्रवाई के लिए न्यायालय में वाद दाखिल किए जाएंगे।
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