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बढ़ रहा खतराः करीब सौ संक्रमितों में सोर्स लापता, सामुदायिक संक्रमण की शुरूआत
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देश में कोरोना के लगातार बढ़ते मामले
- फोटो : iStock
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बीते तीन दिनों में 70 ऐसे संक्रमित मिले, जिनमें सोर्स का पता नहीं, अफसर भी हैरान
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बरेली। आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक एक भी संक्रमित में अगर संक्रमण का सोर्स न मिले तो यह सामुदायिक संक्रमण की शुरूआत हो सकती है। जिले में अब तक करीब सौ संक्रमित ऐसे हैं, जिनमें संक्रमण का सोर्स लापता है। सर्विलांस टीम सोर्स खोज ही नहीं पा रही है। संक्रमितों को भी नहीं पता कि आखिर वे कहां से कोरोना की चपेट में आ गए। इसे देखते हुए शहर के प्रमुख चिकित्सकों ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर गौर करें तो मंगलवार को आई रिपोर्ट में 29 कोरोना पॉजिटिव मिले, इसमें 20 के सैंपल रैंडमली लिए गए थे। इसी तरह सोमवार को मिली रिपोर्ट में 30 और रविवार को 17 रैंडम सैंपल लिए गए थे, जो पॉजिटिव मिले हैं। रैंडम सैंपल यानी शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लिए गए ऐसे सैंपल जो पहले कभी संक्रमित के संपर्क में नहीं आए हैं। संदिग्ध मानकर उनके सैंपल लिए गए जो पॉजिटिव मिले हैं। इससे पहले भी करीब 30 से ज्यादा संक्रमितों में सोर्स नहीं मिल सका है। संक्रामण रोग चैप्टर के अध्यक्ष रहे डॉ. अतुल अग्रवाल का कहना है कि सैंपलिंग बढ़ने से संक्रमितों की तादाद बढ़ी है, मगर इनमें सोर्स का पता न होना चिंताजनक है। इसे सामुदायिक संक्रमण की शुरूआत माना जा सकता है।
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292 सैंपल निगेटिव, टीम ने लिए 185 सैंपल
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने बताया कि मंगलवार को तीन सौ बेड अस्पताल में कुल 149 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। दूसरी ओर, एमएमयू प्रभारी अभिषेक त्यागी के निर्देशन में शहर के विभिन्न इलाकों में सैंपलिंग की गई। कुल 185 सैंपल लिए गए जिन्हें जांच के लिए बुधवार को आईवीआरआई भेजा जाएगा। वहीं, मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई टैली रिपोर्ट में संक्रमितों के आंकडों में खामी मिली। जिसकी जानकारी पर तत्काल उसे ठीक करा लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर गौर करें तो मंगलवार को आई रिपोर्ट में 29 कोरोना पॉजिटिव मिले, इसमें 20 के सैंपल रैंडमली लिए गए थे। इसी तरह सोमवार को मिली रिपोर्ट में 30 और रविवार को 17 रैंडम सैंपल लिए गए थे, जो पॉजिटिव मिले हैं। रैंडम सैंपल यानी शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लिए गए ऐसे सैंपल जो पहले कभी संक्रमित के संपर्क में नहीं आए हैं। संदिग्ध मानकर उनके सैंपल लिए गए जो पॉजिटिव मिले हैं। इससे पहले भी करीब 30 से ज्यादा संक्रमितों में सोर्स नहीं मिल सका है। संक्रामण रोग चैप्टर के अध्यक्ष रहे डॉ. अतुल अग्रवाल का कहना है कि सैंपलिंग बढ़ने से संक्रमितों की तादाद बढ़ी है, मगर इनमें सोर्स का पता न होना चिंताजनक है। इसे सामुदायिक संक्रमण की शुरूआत माना जा सकता है।
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आईवीआरआई का एक कर्मचारी भी संक्रमित
मंगलवार को मिली रिपोर्ट में आईवीआरआई का एक कर्मचारी भी संक्रमित मिला है। इससे कैंपस में खलबली मची हुई है। बता दें कि इससे पहले आईवीआरआई सेंट्रल ऑफिस का भी एक कर्मचारी संक्रमित मिला था। इसके बाद ऑफिस को दो दिन तक बंद कर सैनिटाइज किया गया था। हालांकि, इस दौरान भी सैंपल की जांच प्रक्रिया और पशुओं के इलाज आदि से संबंधित आवश्यक सेवाएं जारी रही थीं।
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292 सैंपल निगेटिव, टीम ने लिए 185 सैंपल
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने बताया कि मंगलवार को तीन सौ बेड अस्पताल में कुल 149 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। दूसरी ओर, एमएमयू प्रभारी अभिषेक त्यागी के निर्देशन में शहर के विभिन्न इलाकों में सैंपलिंग की गई। कुल 185 सैंपल लिए गए जिन्हें जांच के लिए बुधवार को आईवीआरआई भेजा जाएगा। वहीं, मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई टैली रिपोर्ट में संक्रमितों के आंकडों में खामी मिली। जिसकी जानकारी पर तत्काल उसे ठीक करा लिया गया है।