{"_id":"679d3b9c3241e39d51084d04","slug":"in-up-puja-material-will-be-prepared-from-cow-dung-bareilly-news-c-4-lko1064-571742-2025-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: यूपी में गाय के गोबर से पूजा सामग्री को किया जाएगा तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: यूपी में गाय के गोबर से पूजा सामग्री को किया जाएगा तैयार
विज्ञापन
बरेली। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि यूपी में गाय के गोबर से पूजा के सामानों के साथ ही घरेलू साज-सज्जा के सामान तैयार किए जाएंगे। इस दौरान इफको में पांच हजार गोवंशों वाले गो-आश्रय स्थल के निर्माण पर भी चर्चा की गई। इफको प्लांट में उन्होंने निराश्रित गोवंश संरक्षण के संबंध में यह घोषणा की।
बैठक में आंवला स्थित इफको प्लांट में गोशाला चलाने के लिए एक आत्मनिर्भर मॉडल विकसित करने के लिए कहा। साथ ही इसे प्राकृतिक खेती, गोमूत्र, गोबर, पेंट आदि से जोड़ने का आह्वान किया गया, ताकि इसे वित्तीय रूप से सुरक्षित बनाया जा सके। इफको में पांच हजार गोवंशों को रखने की क्षमता वाले गो-आश्रय (वृहद गोशाला) के निर्माण पर भी चर्चा की गई। कहा कि वित्तीय आत्मनिर्भरता से गायों के रखरखाव और पालन-पोषण का खर्च स्वयं वहन करने में सक्षम होंगी। गाय के गोबर और गोमूत्र से अब आंवला के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का खाका इफको के साथ मिलकर बनाया जा रहा है।
गोमूत्र से बायो फर्टिलाइजर और वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन भी किया जाएगा। गाय के गोबर से घड़ी, फूलदान, पेन स्टैंड के अलावा अन्य साज सज्जा के सामानों के साथ ही धूप, अगरबत्ती, थाली, दीपक जैसे पूजा के सामानों को तैयार कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इससे न सिर्फ गायों का संरक्षण होगा बल्कि युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इस मौके पर पशु विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र पांडे, निदेशक पशुपालन डॉ. जयकेश पांडे, अपर निदेशक संगीता तिवारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संतोष बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में आंवला स्थित इफको प्लांट में गोशाला चलाने के लिए एक आत्मनिर्भर मॉडल विकसित करने के लिए कहा। साथ ही इसे प्राकृतिक खेती, गोमूत्र, गोबर, पेंट आदि से जोड़ने का आह्वान किया गया, ताकि इसे वित्तीय रूप से सुरक्षित बनाया जा सके। इफको में पांच हजार गोवंशों को रखने की क्षमता वाले गो-आश्रय (वृहद गोशाला) के निर्माण पर भी चर्चा की गई। कहा कि वित्तीय आत्मनिर्भरता से गायों के रखरखाव और पालन-पोषण का खर्च स्वयं वहन करने में सक्षम होंगी। गाय के गोबर और गोमूत्र से अब आंवला के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का खाका इफको के साथ मिलकर बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
गोमूत्र से बायो फर्टिलाइजर और वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन भी किया जाएगा। गाय के गोबर से घड़ी, फूलदान, पेन स्टैंड के अलावा अन्य साज सज्जा के सामानों के साथ ही धूप, अगरबत्ती, थाली, दीपक जैसे पूजा के सामानों को तैयार कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इससे न सिर्फ गायों का संरक्षण होगा बल्कि युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इस मौके पर पशु विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र पांडे, निदेशक पशुपालन डॉ. जयकेश पांडे, अपर निदेशक संगीता तिवारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संतोष बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन