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चुनाव तक गांवों में बर्थडे पार्टियों पर रोक
बरेली
Updated Fri, 20 Nov 2015 01:40 AM IST
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राज्य निर्वाचन आयुक्त (पंचायत एवं स्थानीय निकाय) एस के अग्रवाल ने कहा
कि प्रधानी के चुनाव तक गांवों में वोटरों को रिझाने के लिए प्रत्याशी और
उनके समर्थक बर्थ डे पार्टी नहीं करेंगे। अधिकांश स्थानों से शिकायतें मिल
रहीं हैं कि बर्थडे तथा अन्य पार्टियां करके वोटरों को रिझाने की कोशिश की
जा रही है। इस तरह के आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी डीएम और
एसएसपी को सौंपी गई है। इस आदेश पर सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।
बरेली और मुरादाबाद मंडल के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए आयुक्त ने कहा कि बूथ के अंदर प्रवेश करने वाले नेताओं को गिरफ्तार किया जाए। बरेली के बूथों पर पिछले चुनाव में मतदान के दौरान अनधिकृत प्रवेश करने वाले नेताओं के खिलाफ अब तक कार्रवाई न करने पर एसएसपी का स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने पहले ही बूथों के अंदर नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। क्योंकि उनके प्रवेश से मतदान के दौरान झगड़े की आशंका रहती है।
सांप्रदायिक दृष्टि से पश्चिमी यूपी संवेदनशील
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील है। इनमें से बरेली और मुरादाबाद मंडल के जिले ज्यादा संवेदनशील है। इसीलिए इन दोनों मंडलों के अधिकारियों की चुनाव तैयारियोें के साथ-साथ कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई है। अब अधिकारियों को तय करना है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह का तनाव या झगड़ा फसाद न हो। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
मौखिक निपटारा न हो
कमिश्नरी में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा कि मोटे तौर पर यह चुनाव राजनीतिक नहीं है, गांवों का यह चुनाव वहीं की सरकार का चुनाव है। इसीलिए किसी भी तरह की राजनीति से प्रभावित हुए बिना असमाजिक और अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करें। किसी भी घटना को हल्के में नहीं लिया जाए और न ही मौखिक निपटाने की कोशिश हो। आचार संहिता का भी सख्ती से पालन हो, सभी मामलों में एफआईआर दर्ज हों और उनमें एफआईआर दर्ज करने के बाद चुप नहीं बैठें। सभी दोषियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारियां की जाएं। जहां पर संगीन अपराध हुए हों, वहां एनएसए, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट में कार्रवाई करें।
सेंट्रल फोर्स मिलेगी बरेली को
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार प्रधानी के चुनाव को देखते हुए यूपी को 40 कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बल में सीआरपीएफ और बीएसएफ दी है। जिसमें से सेंट्र्ल फोर्स बरेली को भी मिलेगी, जिसे आईजी, डीआईजी और कमिश्नर जरूरत के अनुसार जिलों को आवंटित करेंगे। वाहन से प्रधानी के चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। मतपेटियों में पानी मिलाने की घटनाओं को रोकने के लिए मतदान केंद्र के अंदर तरल पदार्थ लेकर जाने पर प्रतिबंध रहेगा। स्ट्रांग रूम में रखी जाने वाली मतपेटियों की वीडियोग्राफी होगी और सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। प्रत्याशी व उनके प्रतिनिधि चौकसी के लिये डीएम को आवेदन कर सकते हैं। उनके देखने के लिये भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
मीटिंग में थे ये अफसर
बैठक में आयोग के सलाहकार आर एम श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव (गृह) देवाशीष पांडा, एडीजी (कानून व्यवस्था) दलजीत चौधरी, बरेली के कमिश्नर प्रमांशु कुमार, मुरादाबाद के कमिश्नर सुभाष चन्द्र शर्मा, आईजी वीएस मीना, डीआईजी आर के एस राठौर दोनों मंडलों के डीएम और एसएसपी मौजूद थे।
बरेली और मुरादाबाद मंडल के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए आयुक्त ने कहा कि बूथ के अंदर प्रवेश करने वाले नेताओं को गिरफ्तार किया जाए। बरेली के बूथों पर पिछले चुनाव में मतदान के दौरान अनधिकृत प्रवेश करने वाले नेताओं के खिलाफ अब तक कार्रवाई न करने पर एसएसपी का स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने पहले ही बूथों के अंदर नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। क्योंकि उनके प्रवेश से मतदान के दौरान झगड़े की आशंका रहती है।
सांप्रदायिक दृष्टि से पश्चिमी यूपी संवेदनशील
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील है। इनमें से बरेली और मुरादाबाद मंडल के जिले ज्यादा संवेदनशील है। इसीलिए इन दोनों मंडलों के अधिकारियों की चुनाव तैयारियोें के साथ-साथ कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई है। अब अधिकारियों को तय करना है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह का तनाव या झगड़ा फसाद न हो। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
मौखिक निपटारा न हो
कमिश्नरी में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा कि मोटे तौर पर यह चुनाव राजनीतिक नहीं है, गांवों का यह चुनाव वहीं की सरकार का चुनाव है। इसीलिए किसी भी तरह की राजनीति से प्रभावित हुए बिना असमाजिक और अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करें। किसी भी घटना को हल्के में नहीं लिया जाए और न ही मौखिक निपटाने की कोशिश हो। आचार संहिता का भी सख्ती से पालन हो, सभी मामलों में एफआईआर दर्ज हों और उनमें एफआईआर दर्ज करने के बाद चुप नहीं बैठें। सभी दोषियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारियां की जाएं। जहां पर संगीन अपराध हुए हों, वहां एनएसए, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट में कार्रवाई करें।
सेंट्रल फोर्स मिलेगी बरेली को
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार प्रधानी के चुनाव को देखते हुए यूपी को 40 कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बल में सीआरपीएफ और बीएसएफ दी है। जिसमें से सेंट्र्ल फोर्स बरेली को भी मिलेगी, जिसे आईजी, डीआईजी और कमिश्नर जरूरत के अनुसार जिलों को आवंटित करेंगे। वाहन से प्रधानी के चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। मतपेटियों में पानी मिलाने की घटनाओं को रोकने के लिए मतदान केंद्र के अंदर तरल पदार्थ लेकर जाने पर प्रतिबंध रहेगा। स्ट्रांग रूम में रखी जाने वाली मतपेटियों की वीडियोग्राफी होगी और सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। प्रत्याशी व उनके प्रतिनिधि चौकसी के लिये डीएम को आवेदन कर सकते हैं। उनके देखने के लिये भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
मीटिंग में थे ये अफसर
बैठक में आयोग के सलाहकार आर एम श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव (गृह) देवाशीष पांडा, एडीजी (कानून व्यवस्था) दलजीत चौधरी, बरेली के कमिश्नर प्रमांशु कुमार, मुरादाबाद के कमिश्नर सुभाष चन्द्र शर्मा, आईजी वीएस मीना, डीआईजी आर के एस राठौर दोनों मंडलों के डीएम और एसएसपी मौजूद थे।