फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   In case of non-encroachment in Indira Market

इंदिरा मार्केट में अतिक्रमण न हटने पर मुकदमा

Thu, 14 Sep 2017 01:57 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Thu, 14 Sep 2017 01:57 AM IST
विज्ञापन
In case of non-encroachment in Indira Market
इं‌िददिरा बाजार

विज्ञापन
जिला अस्पताल रोड से जिला पंचायत कार्यालय की ओर जाने वाली 30 फुट चौड़ी सार्वजनिक सड़क पर अनधिकृत ढंग से इंदिरा मार्केट लगाए जाने को अदालत में चुनौती दी गई है। जागर जनकल्याण समिति के डॉ. प्रदीप कुमार ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में यह अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया। उनका आरोप है कि नगर निगम बोर्ड ने कई साल पहले सार्वजनिक सड़क को 119 फड़ विक्रेताओं को गैरकानूनी ढंग से आवंटित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया था, जिसके बाद दुकानदारों ने यहां स्थाई और अस्थाई दुकानें बना लीं। डॉ. प्रदीप कुमार की शिकायत के बावजूद नगर निगम ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में मुकदमा दायर कर दिया। 
अमर उजाला ने छह सितंबर 2015 को समाचार प्रकाशित कर सड़क को 119 दुकानों के लिए गैर कानूनी तरीके से आवंटित कर देने का मामला उठाया था। नगर निगम के अफसरों द्वारा बसाया गया यह अतिक्रमण अब इंदिरा मार्केट के नाम से जाना जाता है। इसी समाचार को आधार मानकर जागर जनकल्याण समिति की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जिला अस्पताल रोड से जिला पंचायत रोड को मिलाने वाली 30 फुट चौड़ी सड़क पर रेडीमेड कपड़ों का अनधिकृत बाजार लगता है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि नगर निगम जनता से वसूले गए कर की धनराशि से सड़क बनाई है और उसके रखरखाव पर भी लाखों रुपये खर्च करता है। इस सार्वजनिक सड़क को व्यापार करने के लिए आवंटित करना गैर कानूनी है। 
विज्ञापन

बाजार में फंस जाते हैं मरीज
जिस सड़क पर इंदिरा मार्केट लगवाया जा रहा है, वह जिला अस्पताल जाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। अतिक्रमण के चलते गंभीर मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत होती है जिससे उसकी जान तक संकट में आ जाती है। इस गैरकानूनी मार्केट में बिजली विभाग ने भी दुकानदारों को कनेक्शन दे दिए हैं। लिहाजा याचिका में नगर निगम और बिजली विभाग को भी पार्टी बनाया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने इस मामले में कोतवाली पुलिस से मामले पर आख्या मांगी है।     
विज्ञापन
विज्ञापन


अवैध मार्केट में किराए पर उठती हैं दुकानें
याचिका में कहा कि इंदिरा मार्केट में सरकारी सड़क पर दुकानें बनाकर वहां मार्केट बनाना ही एक मसला नहीं है। हकीकत यह भी है कि रेडीमेड कपड़े का व्यापार करने वाले अनधिकृत कब्जेदार इन दुकानों को अपनी संपत्ति की तरह किराए पर उठाते हैं या बेचते हैं। एक गैर कानूनी कब्जे की जमीन की बोली छह सो सात लाख रुपये की लगती है। यह गैर कानूनी काम कोतवाली और नगर निगम के चंद कदम दूर होने पर होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed