फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   In Bareilly, 55 percent plants and in Kheri, 79 percent plants withered, nine crores in water.

Bareilly News: बरेली में 55 तो खीरी में 79 फीसदी पौधे मुरझाए, नाै करोड़ पानी में

Sat, 01 Feb 2025 02:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 02:34 AM IST
विज्ञापन
In Bareilly, 55 percent plants and in Kheri, 79 percent plants withered, nine crores in water.
बरेली। पाैधरोपण के बाद उनके रखरखाव में जमकर लापरवाही होती है। ग्राम्य विकास विभाग के पौधरोपण अभियान की जांच में यह हकीकत सामने आई है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश सीएजी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ग्राम्य विकास विभाग ने बरेली व लखीमपुर खीरी क्षेत्र में वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक जो पौधे रोपे, उनमें से आधे से ज्यादा नष्ट हो गए। इससे करीब नाै करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
विज्ञापन


14.03 रुपये की दर से बरेली में पौधरोपण किया गया। इनमें से 44.71 प्रतिशत पाैधे ही चले। करीब 55 फीसदी पौधे सूख गए। वहीं, लखीमपुर खीरी में 10.78 रुपये की दर से पौधे लगाए गए। इनमें से महज 21.24 प्रतिशत पाैधे ही जीवित रहे। करीब 79 फीसदी पौधे नष्ट हो गए। इस वजह से बरेली में 2.33 करोड़ और लखीमपुर खीरी में सात करोड़ रुपये से अधिक खर्च बेकार गया।
विज्ञापन


रोपे गए पौधों के खराब होने का पहला कारण पौधों के रखरखाव की कमी थी। कंपोस्ट खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया गया। न ही उनका संरक्षण किया गया। समय पर पानी भी नहीं दिया गया। लेखा परीक्षक की इस आपत्ति को विभाग ने स्वीकार भी किया और कहा कि वन विभाग द्वारा कम गुणवत्ता वाले पौधों की आपूर्ति और रखरखाव की कमी के कारण ऐसा हुआ। इस पर लेखा विभाग ने कहा कि यदि वन विभाग ने कम गुणवत्ता वाले पौधों की आपूर्ति की थी, तो इसका समाधान किया जाना चाहिए था, क्योंकि पाैधरोपण की सफलता को सुनिश्चित करना ग्राम्य विकास विभाग की जिम्मेदारी थी। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed