हिंसा का असर : हल्द्वानी से नहीं आई रोडवेज की कोई बस, बरेली से भी आठ से 10 फेरे कम लगाए
हल्द्वानी से बरेली के लिए शुक्रवार को कोई बस नहीं आई। बरेली से संचालित होने वाली बसों ने भी रोज की तुलना में आठ-दस फेरे कम लगाए।
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हल्द्वानी में हुई हिंसा का असर रोडवेज बसों के संचालन पर भी दिखा। हल्द्वानी से बरेली के लिए शुक्रवार को कोई बस नहीं आई। बरेली से संचालित होने वाली बसों ने भी रोज की तुलना में आठ-दस फेरे कम लगाए। बरेली से जाने वाली बसों को हल्द्वानी में अंदर रोडवेज बस अड्डे तक नहीं जाने दिया गया। शहर के बाहरी इलाकों से ही उनको लौटा दिया गया। रोज आठ से दस बसें हल्द्वानी बस अड्डे से यहां आती हैं। वहीं, पुराने बस अड्डे से हल्द्वानी के लिए रोज 21 बसों का संचालन होता है।
यहां से हल्द्वानी की दूरी 104 किलोमीटर है। एक बस रोजाना दो फेरे लगाती है। हल्द्वानी में बवाल होने के बाद वहां रोडवेज बस अड्डे की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया। बस अड्डे से करीब पांच किलोमीटर दूर तीन पानी नामक जगह पर बसों को रोका गया। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
इधर, पुराने बस अड्डे पर हल्द्वानी जाने वाले यात्रियों की संख्या रोज की अपेक्षा शुक्रवार को कुछ कम रही। परिचालकों ने बताया कि रोजाना इस रूट पर जाने वाली बसों में 40-45 सवारियां हो जाती थीं, लेकिन शुक्रवार को प्रति बस यात्रियों की संख्या 30-35 ही रही। सवारियां न होने के कारण हल्द्वानी के लिए चार-पांच बसें नहीं चलीं। इससे करीब आठ-दस फेरे कम लगे।
हल्द्वानी बस अड्डे में ही गुजारी रात : राजकुमार
बरेली डिपो के चालक राजकुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को वह बस लेकर हल्द्वानी गए थे। उन्हें वहां के हालात के बारे में बिल्कुल अंदाजा नहीं था। रात आठ बजे जब बस हल्द्वानी में घुसी तो वहां हिंसा का पता चला। ऐसे में वह बस को किसी तरह बस अड्डे के अंदर ले गए। पूरी रात बस अड्डे के अंदर ही गुजारी। सुबह पांच बजे ही बस को लेकर किसी तरह से वहां से निकल लिए।
महज दो सवारियां लेकर ही निकलना पड़ा : अनुज
बरेली डिपो के परिचालक अनुज ने बताया कि उन्होंने भी चालक के साथ हल्द्वानी के बस अड्डे पर रात गुजारी। सुबह पांच बजे बगैर सवारी के ही बस को लेकर वहां से निकल लिए। किसी तरह लालकुआं तक के दो यात्री मिले। इसके बाद लालकुआं से किच्छा तक एक, किच्छा से बहेड़ी तक चार व बहेड़ी से बरेली तक सात-आठ लोग मिले। किसी तरह 14-15 लोगों को लेकर बरेली पहुंचे।
सेटेलाइट बस अड्डा की स्टेशन अधीक्षक लक्ष्मी राठौर ने बताया कि शुक्रवार को हल्द्वानी से कोई बस बरेली नहीं आई। हालांकि, यहां से लगातार बसें भेजी गईं। यात्रियों की संख्या कुछ कम होने के कारण चार-पांच बसें नहीं जा सकी।