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Bareilly News: 30 वर्ष से कम उम्र में बीपी बढ़ा तो खराब हो सकती है किडनी
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बरेली। तनावपूर्ण जीवनशैली, अव्यवस्थित खानपान से युवा किडनी रोग की चपेट में आ रहे हैं। वैश्विक आंकड़ों के अनुसार 15 फीसदी लोगों को कभी न कभी किडनी की समस्या हो सकती है, लेकिन पौष्टिक आहार व व्यवस्थित दिनचर्या से काफी हद तक बचाव संभव है।
स्टेडियम रोड स्थित लोक खुशहाली सभागार में मंगलवार को आयोजित जागरूकता गोष्ठी में ये जानकारी नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ गुप्ता ने दी। कहा कि 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है। उच्च रक्तचाप की वजह से किडनी पर दुष्प्रभाव होता है। इससे ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस किडनी रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। गुर्दे के छोटे फिल्टर में सूजन आने से रक्त को फिल्टर करने क्षमता घटती है। इलाज में लेटलतीफी से किडनी फेलियर का जोखिम रहता है।
मुख्य अतिथि डॉ. विनोद पागरानी ने शुगर और बीपी नियंत्रित रखने की अपील की। यहां वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित पागरानी, डॉ. मुक्ता पागरानी, डॉ. सुनीता पागरानी, वरिष्ठ कार्डियोलोजिस्ट डॉ. मनाजिर इकबाल, गैस्ट्रो फिजिशियन डॉ. पीयूष मिश्रा व अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
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बगैर परामर्श दर्द की दवा का सेवन का भी वजह
यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रेमपाल सिंह ने बताया कि जिन लोगों का वजन ज्यादा होता या बगैर परामर्श दर्द की दवा का सेवन करते हैं, उनकी किडनी जल्द खराब होने की आशंका रहती है। ज्यादातर मामलों में 90 फीसदी प्रभावित होने के बाद किडनी के खराब होने का पता तब चलता है। लोग एल्बुमिन क्रेटनिन रेशो, शुगर, बीपी, कोलेस्ट्रॉल, ईजीएफआर की जांच वर्ष में एक बार जरूर कराएं। ब्यूरो
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स्टेडियम रोड स्थित लोक खुशहाली सभागार में मंगलवार को आयोजित जागरूकता गोष्ठी में ये जानकारी नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ गुप्ता ने दी। कहा कि 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है। उच्च रक्तचाप की वजह से किडनी पर दुष्प्रभाव होता है। इससे ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस किडनी रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। गुर्दे के छोटे फिल्टर में सूजन आने से रक्त को फिल्टर करने क्षमता घटती है। इलाज में लेटलतीफी से किडनी फेलियर का जोखिम रहता है।
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मुख्य अतिथि डॉ. विनोद पागरानी ने शुगर और बीपी नियंत्रित रखने की अपील की। यहां वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित पागरानी, डॉ. मुक्ता पागरानी, डॉ. सुनीता पागरानी, वरिष्ठ कार्डियोलोजिस्ट डॉ. मनाजिर इकबाल, गैस्ट्रो फिजिशियन डॉ. पीयूष मिश्रा व अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
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बगैर परामर्श दर्द की दवा का सेवन का भी वजह
यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रेमपाल सिंह ने बताया कि जिन लोगों का वजन ज्यादा होता या बगैर परामर्श दर्द की दवा का सेवन करते हैं, उनकी किडनी जल्द खराब होने की आशंका रहती है। ज्यादातर मामलों में 90 फीसदी प्रभावित होने के बाद किडनी के खराब होने का पता तब चलता है। लोग एल्बुमिन क्रेटनिन रेशो, शुगर, बीपी, कोलेस्ट्रॉल, ईजीएफआर की जांच वर्ष में एक बार जरूर कराएं। ब्यूरो