10 साल इश्क और फिर खूनी खेल: पूजा जिसके लिए घर छोड़कर आई, वही बन गया कसाई; बेदर्दी से ली जान
फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में शनिवार दोपहर को कृष्णपाल उर्फ चल्वे ने अपनी पत्नी पूजा की दो गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। उसे फल विक्रेता मुन्ना से पत्नी के अवैध संबंध होने का शक था।
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जिसके लिए पूजा ने कृष्णपाल के प्यार में अपना परिवार और बिरादरी को ठुकराया, उसी पति ने ताबड़तोड़ दो गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। हाल ही में पूजा ही उसकी जमानत कराकर लाई थी। बरेली के फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में हुई सनसनीखेज वारदात के बाद स्थानीय लोग स्तब्ध हैं।
शनिवार दोपहर को कृष्णपाल उर्फ चल्वे ने अपनी पत्नी पूजा की दो गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। उसे फल विक्रेता मुन्ना से पत्नी के अवैध संबंध होने का शक था। हत्या के बाद उसने चौराहे पर पहुंचकर मुन्ना को भी गोली मार दी। गनीमत रही कि छर्रे लगने से मुन्ना मामूली घायल हुआ।
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दस साल पहले पूजा ने कृष्णपाल उर्फ चल्वे से प्रेम किया था। दोनों की बिरादरी अलग थी। पता लगने पर पूजा के माता-पिता इन दोस्ती के खिलाफ खुलकर खड़े हो गए। बिरादरी के लोग भी सवाल उठाने लगे पर पूजा ने हर विरोध दरकिनार कर शादी कर ली और कोर्ट में पंजीकरण करा लिया। उन दिनों चल्वे बेरोजगार था।
उसका अपना घर भी नहीं था। पूजा ने पति के साथ संघर्ष करके गृहस्थी बनाई। दो साल पहले अपने मकान में आने पर वह सुकून महसूस कर रही थी। इस बीच चल्वे बीमार पड़ गया। उसके इलाज के लिए पूजा डॉक्टर से गिड़गिड़ाई। लंबे इलाज से उसे स्वस्थ किया। चल्वे कई बार जेल गया। हर बार कोर्ट कचहरी के चक्कर पूजा ने ही काटे।
पहले भी किया था हमला
तीन महीने पहले भी आरोपी चल्वे ने तमंचे लहराते हुए पूजा को पूरे मोहल्ले में दौड़ाया था। वह उस पर चरित्रहीनता के आरोप लगाकर गालियां दे रहा था। उस समय तो वह किसी के घर छिपकर बच गई थी। बाद में चल्वे ने लोधीनगर चौराहे पर हंगामा किया। तीन महीने पहले भी वह मुन्ना को ही गोली मारने लोधीनगर चौराहे गया था।वहां मुन्ना की जगह मुन्ना का भाई दीपक फल बेचता मिला तो चल्वे ने उस पर फायर कर दिया। गनीमत रही कि वह बाल-बाल बच गया और फरार हो गया। दोपहर में चौराहे पर गोला चलाने में जानलेवा हमले की रिपोर्ट लिखी गई और पुलिस ने उसे मौके से ही दबोचकर जेल भेजा था।
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पूजा ने जान की परवाह न कर पहले तो थाने जाकर ही चल्वे को छुड़ाने की कोशिश की। वह नहीं छूटा तो कोर्ट में तगड़ी पैरवी करके दो माह में ही उसे जमानत पर छुड़ा लिया। लोग चर्चा कर रहे थे कि पूजा अगर पैरवी करके चल्वे को जेल से नहीं छुड़ाती तो उसे अपनी जान नही गंवानी पड़ती।