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उम्मीद : अब शहर को मिलेगी बंदरों से निजात
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- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए निकाले टेंडर
अफसरों का दावा, संस्था चयन होते ही शुरू होगा अभियान
बरेली। शहर को जल्द बंदरों के उत्पात से निजात मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने बंदरों को पकड़कर उन्हें जंगल में छुड़वाने के लिए टेंडर निकाले हैं। अफसरों का दावा है कि संस्था का चयन होते ही शहर में बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
जहां-तहां आवारा जानवरों की मौजूदगी लंबे समय से शहरवासियों की परेशानी का कारण बनी हुई है। शहर के लोग सबसे ज्यादा बंदरों के आतंक से परेशान हैं। शहर के तमाम इलाकों में उत्पाती बंदरों के झुंड लोगों और छोटे बच्चों पर आए दिन हमले करते हैं। खुले में रखा सामान भी उठाकर भाग जाते हैं। बंदरों के हमले की वजह से शहर में कई लोग छत से गिरकर जान गंवा चुके हैं। उत्पाती बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की शहर के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे।
नगर निगम और वन विभाग आवारा जानवरों के उत्पात की अब तक एक-दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी डाल रहे थे। अब बंदर पकड़ने के लिए टेंडर जारी होने के बाद जल्द अभियान चलने की उम्मीद है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया टेंडर की समय सीमा 23 दिसंबर रखी गई है। संस्था का चयन होते ही अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
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अफसरों का दावा, संस्था चयन होते ही शुरू होगा अभियान
बरेली। शहर को जल्द बंदरों के उत्पात से निजात मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने बंदरों को पकड़कर उन्हें जंगल में छुड़वाने के लिए टेंडर निकाले हैं। अफसरों का दावा है कि संस्था का चयन होते ही शहर में बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
जहां-तहां आवारा जानवरों की मौजूदगी लंबे समय से शहरवासियों की परेशानी का कारण बनी हुई है। शहर के लोग सबसे ज्यादा बंदरों के आतंक से परेशान हैं। शहर के तमाम इलाकों में उत्पाती बंदरों के झुंड लोगों और छोटे बच्चों पर आए दिन हमले करते हैं। खुले में रखा सामान भी उठाकर भाग जाते हैं। बंदरों के हमले की वजह से शहर में कई लोग छत से गिरकर जान गंवा चुके हैं। उत्पाती बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की शहर के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे।
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नगर निगम और वन विभाग आवारा जानवरों के उत्पात की अब तक एक-दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी डाल रहे थे। अब बंदर पकड़ने के लिए टेंडर जारी होने के बाद जल्द अभियान चलने की उम्मीद है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया टेंडर की समय सीमा 23 दिसंबर रखी गई है। संस्था का चयन होते ही अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
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