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‘जड़’ पर तो चोट करो, ‘फड़’ पर तो बंद हो ही जाएगी पॉलिथीन
बरेली।
Updated Wed, 20 Dec 2017 02:15 AM IST
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पािललििथ्ाथिन
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पॉलिथीन पर पाबंदी लगाने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आंखें मूंद रखी हैं और नगर निगम सब्जी विक्रेताओं की पॉलिथीन पकड़कर बहादुरी दिखा रहा है। न तो शहर में चलने वाली पॉलिथीन फैक्ट्रियों पर अब तक कोई कार्रवाई हुई है और न ही दिल्ली, रुद्रपुर और कानपुर से आने वाली इसकी खेप रोकी जा सकी है। इसके चलते पर्यावरण और शहर की स्वच्छता से खिलवाड़ बेखौफ जारी है।
मेयर उमेश गौतम की मंशा है कि शहर को पॉलिथीन से मुक्ति मिले और शहर सुंदर दिखे। मगर सिस्टम उनकी मंशा को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। परसाखेड़ा, रजऊ परसपुर, भोजीपुरा और पुराना शहर में बिना रजिस्ट्रेशन के पॉलिथीन की अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं। मगर अधिकारी इनसे अनजान बने हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि शहर में सिर्फ पैकेजिंग फैक्ट्रियां चल रही हैं लेकिन नगर आयुक्त के कहने के बाद भी अधिकारियों ने इन फैक्ट्रियों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है।
पैकेजिंग फैक्ट्रियों के मानक पर सवाल
शहर में कई पैकेजिंग फैक्ट्रियां भी चलती हैं। इनके संचालकों का कहना है कि सरकार ने कैरीबैग प्रतिबंधित किए हैं। उनका बनाया पैकेजिंग मैटेरियल इस दायरे में नहीं आता लेकिन इस मैटेरियल के माइक्रोन को लेकर इनके पास भी कोई सटीक जवाब नहीं है। अफसरों की अनदेखी के चलते सबका काम मनमाने तरीके से चल रहा है।
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प्रतिदिन ट्रकों से पहुंच रही कई टन पॉलिथीन
पॉलिथीन कारोबारियों का कहना है कि प्रतिदिन रुद्रपुर, कानपुर और दिल्ली से ट्रकों में भरकर कई टन पॉलिथीन बरेली पहुंच रही है। यह पॉलिथीन इज्जतनगर में एक स्थान पर उतरती है और फिर बड़े कारोबारियों के गोदामों में पहुंच जाती है। इसके बाद फेरी वालों और गली मुहल्लों के छोटे-छोटे व्यापारियों तक पहुंचती है।
फोटो: सब्जीमंडी में छापा, जब्त की पॉलिथीन
सोमवार को छापेमारी के बाद भी दुकानदारों ने पॉलिथीन का प्रयोग बंद नहीं किया। इसके चलते मंगलवार सुबह भी नगर निगम की टीम ने एलन क्लब सब्जीमंडी में छापेमारी कर कई किलो पॉलिथीन जब्त की। हालांकि सोमवार की अपेक्षा इसकी तादात कम थी। दुकानदारों को हिदायत दी गई कि अगली बार पॉलिथीन मिलने पर जुर्माना वसूला जाएगा।
मेयर उमेश गौतम की मंशा है कि शहर को पॉलिथीन से मुक्ति मिले और शहर सुंदर दिखे। मगर सिस्टम उनकी मंशा को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। परसाखेड़ा, रजऊ परसपुर, भोजीपुरा और पुराना शहर में बिना रजिस्ट्रेशन के पॉलिथीन की अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं। मगर अधिकारी इनसे अनजान बने हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि शहर में सिर्फ पैकेजिंग फैक्ट्रियां चल रही हैं लेकिन नगर आयुक्त के कहने के बाद भी अधिकारियों ने इन फैक्ट्रियों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है।
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पैकेजिंग फैक्ट्रियों के मानक पर सवाल
शहर में कई पैकेजिंग फैक्ट्रियां भी चलती हैं। इनके संचालकों का कहना है कि सरकार ने कैरीबैग प्रतिबंधित किए हैं। उनका बनाया पैकेजिंग मैटेरियल इस दायरे में नहीं आता लेकिन इस मैटेरियल के माइक्रोन को लेकर इनके पास भी कोई सटीक जवाब नहीं है। अफसरों की अनदेखी के चलते सबका काम मनमाने तरीके से चल रहा है।
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प्रतिदिन ट्रकों से पहुंच रही कई टन पॉलिथीन
पॉलिथीन कारोबारियों का कहना है कि प्रतिदिन रुद्रपुर, कानपुर और दिल्ली से ट्रकों में भरकर कई टन पॉलिथीन बरेली पहुंच रही है। यह पॉलिथीन इज्जतनगर में एक स्थान पर उतरती है और फिर बड़े कारोबारियों के गोदामों में पहुंच जाती है। इसके बाद फेरी वालों और गली मुहल्लों के छोटे-छोटे व्यापारियों तक पहुंचती है।
फोटो: सब्जीमंडी में छापा, जब्त की पॉलिथीन
सोमवार को छापेमारी के बाद भी दुकानदारों ने पॉलिथीन का प्रयोग बंद नहीं किया। इसके चलते मंगलवार सुबह भी नगर निगम की टीम ने एलन क्लब सब्जीमंडी में छापेमारी कर कई किलो पॉलिथीन जब्त की। हालांकि सोमवार की अपेक्षा इसकी तादात कम थी। दुकानदारों को हिदायत दी गई कि अगली बार पॉलिथीन मिलने पर जुर्माना वसूला जाएगा।