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दोस्ती हमेशा निस्वार्थ होती है: ब्रजवासी
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बरेली। कथा व्यास योगेश ब्रजवासी ने कहा कि दोस्ती में अमीरी-गरीबी नहीं देखी जाती। दोस्ती हमेशा निस्वार्थ होती है।
श्री सनातन धर्म मंदिर के वार्षिकोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन उन्होंने श्रीकृष्ण सुदामा दोस्ती का वर्णन किया। कहा कि महल के द्वार पर सुदामा के आने की खबर सुनते ही श्रीकृष्ण दौड़कर द्वार पर पहुंच गए और सुदामा को गले लगा लिया। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित ने श्रीमद्भागवत का श्रवण किया, जिसके बाद वह पुष्पक विमान से स्वर्ग पहुंचे थे। कहा कि वेदव्यास की पूजा से उतना ही फल मिलता है, जितना कथा कराने वाले को। संजीव चांदना ने बताया कि रविवार रात आठ बजे से चित्र-विचित्र की भजन संध्या होगी। कथा के बाद केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने आरती की। कथा में संजीव चांदना, ओमप्रकाश आनंद, मनमोहन सब्बरवाल, मीरा सेठी, भावना सपड़ा, मधुलिका, हरीश सेठी आदि उपस्थित थे।
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श्री सनातन धर्म मंदिर के वार्षिकोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन उन्होंने श्रीकृष्ण सुदामा दोस्ती का वर्णन किया। कहा कि महल के द्वार पर सुदामा के आने की खबर सुनते ही श्रीकृष्ण दौड़कर द्वार पर पहुंच गए और सुदामा को गले लगा लिया। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित ने श्रीमद्भागवत का श्रवण किया, जिसके बाद वह पुष्पक विमान से स्वर्ग पहुंचे थे। कहा कि वेदव्यास की पूजा से उतना ही फल मिलता है, जितना कथा कराने वाले को। संजीव चांदना ने बताया कि रविवार रात आठ बजे से चित्र-विचित्र की भजन संध्या होगी। कथा के बाद केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने आरती की। कथा में संजीव चांदना, ओमप्रकाश आनंद, मनमोहन सब्बरवाल, मीरा सेठी, भावना सपड़ा, मधुलिका, हरीश सेठी आदि उपस्थित थे।