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दिल्ली-लखनऊ हाईवे- अब 15 महीने में दुरुस्त हो जाएगा लखनऊ हाईवे
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बरेली। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बरेली-सीतापुर फोरलेन का करीब चार साल से लटका काम नवंबर में शुरू हो जाएगा। एनएचएआई दिल्ली मुख्यालय पर सोमवार को आगरा की राज कारपोरेशन लिमिटेड नाम की कंपनी को अधूरे पड़े इस प्रोजेक्ट का करीब छह अरब से ठेका हो गया है। कंपनी को यह काम 15 माह के अंदर पूरा करना है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को पांच फीसदी बैंक गारंटी जमा कराने की औपचारिकता भी एक-दो दिन में पूरी हो जाएगी।
बरेली से सीतापुर के बीच 157 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का काम चार साल से अधूरा पड़ा है। टूटते-दरकते हाईवे और अधूरे फ्लाईओवर की वजह से यहां आए दिन हादसों में मौतें हो रही हैं। पिछले साल इरा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर एनएचएआई एफआईआर भी दर्ज करा चुकी है। करीब सवा साल बाद एनएचएआई ने इस अधूरे प्रोजेक्ट का काम पूरा कराने के लिए नौ अक्तूबर को टेक्निकल टेंडर की प्रक्रिया पूरी की थी। 7.67 अरब के इस टेंडर में तीन कंपनियां पास हुई थीं। इसके बाद पिछले शनिवार को वित्तीय टेंडर पड़ने थे, लेकिन एक कंपनी के कागजात पूरे नहीं थे। इसके बाद सोमवार को एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय पर वित्तीय टेंडर पड़े। इसमें 9.2 फीसदी कम लागत में टेंडर डालने वाली आगरा की राज कारपोरेशन लिमिटेड नाम की कंपनी को ठेका दे दिया गया है। इस कंपनी को करीब सात अरब से हाईवे ठीक करने के साथ सीतापुर और शाहजहांपुर में एक-एक ओवरब्रिज का निर्माण भी करना है।
बरेली-सीतापुर फोरलेन के अधूरे के लिए आगरा की एक कंपनी का टेंडर फाइनल हो गया है। यह कंपनी नवंबर में काम शुरू कराएगी। करीब सवा साल में इस हाईवे को पूरा कराया जाना है।
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-एनपी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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बरेली से सीतापुर के बीच 157 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का काम चार साल से अधूरा पड़ा है। टूटते-दरकते हाईवे और अधूरे फ्लाईओवर की वजह से यहां आए दिन हादसों में मौतें हो रही हैं। पिछले साल इरा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर एनएचएआई एफआईआर भी दर्ज करा चुकी है। करीब सवा साल बाद एनएचएआई ने इस अधूरे प्रोजेक्ट का काम पूरा कराने के लिए नौ अक्तूबर को टेक्निकल टेंडर की प्रक्रिया पूरी की थी। 7.67 अरब के इस टेंडर में तीन कंपनियां पास हुई थीं। इसके बाद पिछले शनिवार को वित्तीय टेंडर पड़ने थे, लेकिन एक कंपनी के कागजात पूरे नहीं थे। इसके बाद सोमवार को एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय पर वित्तीय टेंडर पड़े। इसमें 9.2 फीसदी कम लागत में टेंडर डालने वाली आगरा की राज कारपोरेशन लिमिटेड नाम की कंपनी को ठेका दे दिया गया है। इस कंपनी को करीब सात अरब से हाईवे ठीक करने के साथ सीतापुर और शाहजहांपुर में एक-एक ओवरब्रिज का निर्माण भी करना है।
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बरेली-सीतापुर फोरलेन के अधूरे के लिए आगरा की एक कंपनी का टेंडर फाइनल हो गया है। यह कंपनी नवंबर में काम शुरू कराएगी। करीब सवा साल में इस हाईवे को पूरा कराया जाना है।
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-एनपी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई