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6 करोड़ का हिसाब एनएचएआई से अब डीएम लेंगे

Sat, 20 Jul 2019 02:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2019 02:21 AM IST
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Highway
बरेली। लखनऊ हाईवे पर बरेली और सीतापुर के बीच गड्ढों की भरमार है। खतरनाक गड्ढों की वजह से हुए हादसों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है, लेकिन एनएचएआई ने फिर भी अफसरों को रिपोर्ट भेज दी है कि बरेली से सीतापुर तक हाईवे को गड्ढामुक्त कर दिया गया है। एनएचएआई की यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी हजम नहीं हो रही है। लिहाजा प्रशासन की एक टीम अब मौके पर जाकर यह देखने का निर्देश दिया गया है कि मरम्मत के नाम पर मिले छह करोड़ एनएचएआई की टीम ने आखिर कहां खपा दिए।
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पिछले दिनों हाईवे पर कुछ जगह गड्ढों को कोलतार से भरकर खानापूरी जरूर की गई लेकिन बारिश की वजह से ये पैच भी उधड़ने शुरू हो गए हैं। हाईवे की ऐसी हालत होने के बावजूद एनएचएआई ने एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी को यह रिपोर्ट भेज दी कि छह करोड़ का बजट इस्तेमाल करके पूरे हाईवे को गड्ढा मुक्त कर दिया गया है। एनएचएआई की इस रिपोर्ट में उन जगहों पर चेतावनी के साइन बोर्ड लगाने और सड़क सुरक्षा के दूसरे काम भी करा देने का दावा किया गया है जो दुर्घटना बहुल मानी जाती हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को यह रिपोर्ट गले नहीं उतर रही है। इसलिए एनएचएआई की रिपोर्ट को एप्रूव करने से पहले प्रशासन खुद अपने स्तर से इसकी जांच कराने की तैयारी कर रहा है। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एनएचएआई की रिपोर्ट को आंख मूंदकर नहीं माना जाएगा। अधिकारियों की टीम बनाकर मरम्मत के काम चेक करने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।
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अब भी बिगड़ी है हाईवे की हालत
बरेली-शाहजहांपुर के बीच गौसगंज, फरीदपुर बाईपास, गुरुद्वारा फ्लाईओवर, फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर हाईवे टूट रहा है। गड्ढे और दरार पड़ने से उस पर आए दिन एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा फरीदपुर टोल प्लाजा के पास है। हाईवे के किनारे रोड सुरक्षा के काम न होने से हादसे में यहां कई और की मौत हो चुकी है। इसमें उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे के साथ एक आयकर अधिकारी भी। इस हाईवे की मरम्मत कराने के लिए एनएचएआई ने एक कंपनी को करीब छह करोड़ रुपये का कांट्रेक्ट दिया था। इस रकम को खर्च कर हाईवे को ठीक करने के नाम पर केवल लीपापोती ही हुुई है। ठेका लेने वाली कंपनी ने खतरनाक गड्ढों को तो छुआ ही नहीं है। कई एक्सीडेंट जोन पर न तो सुरक्षा बोर्ड लगे हैं और न ही रात में ड्राइवर को सचेत करने के लिए रेडियम पोल लगाए गए हैैं।
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‘एनएचएआई के अधिकारियों ने जो रिपोर्ट भेजी है, उसकी क्रास चेकिंग कराई जाएगी। हाईवे की जो सही स्थिति है, उसकी का आंकलन होगा। इसके लिए जल्द ही अधिकारियों की टीम को भेजा जाएगा।’
- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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