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नए साल में हाइटेक दिखेगा जिला अस्पताल
Updated Sun, 17 Dec 2017 02:23 AM IST
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नए साल 2018 में आप जिला अस्पताल को काफी बदला हुआ पाएंगे। ओपीडी में कंप्यूटर लगे होंगे और पूरा अस्पताल वाईफाई जोन होगा। यहां एमआरआई और डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी। मार्च और अप्रैल से डीएनबी कोर्स के तहत चिकित्सक भी पढ़ने के लिए जिला अस्पताल आएंगे। नई सौगातें देने के लिए तेजी से काम चल रहा है। जनवरी के बाद से ही बदलाव दिखने लगेगा।
जिला अस्पताल में होने वाले कार्य
ई-हॉस्पिटल: जिला अस्पताल के लिए 25 कंप्यूटर के आर्डर दे दिए गए हैं। यहां पर्चे कंप्यूटर से बनेंगे। मरीजाें का विवरण और उनका इलाज भी ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। कुछ समय बाद पंजीकरण भी घर बैठे ऑनलाइन हो सकेंगे। 30 जगह पर वाईफाई चलाने की सुविधा होगी। मरीजों को जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलेगी।
डीएनबी कोर्स: पीजी स्तर के कोर्स की पढ़ाई के लिए जिला अस्पताल को चुना गया है। मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी और नेत्र से संबंधित विषय पर यहां पढ़ाई होगी। एमबीबीएस के बाद ऑल इंडिया परीक्षा पास करने पर मार्च में छात्र जिला अस्पताल बरेली चुनेंगे।
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डायलिसिस: वाराणसी के हेरीटेज अस्पताल की ओर से डायलिसिस यूनिट पीपीपी मोड पर शुरू की जानी है। जिला अस्पताल की यूनिट में सिर्फ टाइल्स का काम बाकी रह गया है। शासन की ओर से इसके लिए बजट मांगा गया है। जनवरी में काम शुरू होगा।
एमआरआई: एमआरआई जांच के लिए मशीन का आर्डर शासन की ओर से हो गया है। प्रदेश में सिर्फ 15 अस्पताल में यह मशीन लगाई जानी है। परिसर के पुराने एक्सरे कक्ष में यह मशीन मार्च तक लग जाएगी। उसके बाद से मरीजों को यह सुविधा भी मिलने लगेगी।
डिजीटल एक्सरे: एक डिजीटल एक्सरे मशीन की वजह से जिला अस्पताल में अभी भीड़ बनी रहती है। समस्या के समाधान के लिए एक अन्य मशीन का आर्डर शासन की ओर से दिया गया है। जिला अस्पताल में फरवरी में यह मशीन लगाई जाएगी। इससे प्रतिदिन 60 से 80 मरीजों को फायदा होगा।
एलडर्ली वार्ड: अस्पताल परिसर में ही बुजुर्गों के लिए नया वार्ड बनकर तैयार है। यहां दस मरीज भर्ती हो सकेंगे। बुजुर्गों को अलग से सुविधाएं दी जाएंगी और लाइन में लगने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। यहां चिकित्सक अलग से बैठेंगे।
कोट ----
ई हॉस्पिटल पर काम शुरू हो चुका है। अन्य सुविधाओं को भी बढ़ाया जा रहा है। शासन की मदद से नए साल में मरीजों को सुविधाएं मिल सकें इसके लिए प्रयास जारी हैं।
- डॉ. केएस गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक
जिला अस्पताल में होने वाले कार्य
ई-हॉस्पिटल: जिला अस्पताल के लिए 25 कंप्यूटर के आर्डर दे दिए गए हैं। यहां पर्चे कंप्यूटर से बनेंगे। मरीजाें का विवरण और उनका इलाज भी ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। कुछ समय बाद पंजीकरण भी घर बैठे ऑनलाइन हो सकेंगे। 30 जगह पर वाईफाई चलाने की सुविधा होगी। मरीजों को जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलेगी।
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डीएनबी कोर्स: पीजी स्तर के कोर्स की पढ़ाई के लिए जिला अस्पताल को चुना गया है। मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी और नेत्र से संबंधित विषय पर यहां पढ़ाई होगी। एमबीबीएस के बाद ऑल इंडिया परीक्षा पास करने पर मार्च में छात्र जिला अस्पताल बरेली चुनेंगे।
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डायलिसिस: वाराणसी के हेरीटेज अस्पताल की ओर से डायलिसिस यूनिट पीपीपी मोड पर शुरू की जानी है। जिला अस्पताल की यूनिट में सिर्फ टाइल्स का काम बाकी रह गया है। शासन की ओर से इसके लिए बजट मांगा गया है। जनवरी में काम शुरू होगा।
एमआरआई: एमआरआई जांच के लिए मशीन का आर्डर शासन की ओर से हो गया है। प्रदेश में सिर्फ 15 अस्पताल में यह मशीन लगाई जानी है। परिसर के पुराने एक्सरे कक्ष में यह मशीन मार्च तक लग जाएगी। उसके बाद से मरीजों को यह सुविधा भी मिलने लगेगी।
डिजीटल एक्सरे: एक डिजीटल एक्सरे मशीन की वजह से जिला अस्पताल में अभी भीड़ बनी रहती है। समस्या के समाधान के लिए एक अन्य मशीन का आर्डर शासन की ओर से दिया गया है। जिला अस्पताल में फरवरी में यह मशीन लगाई जाएगी। इससे प्रतिदिन 60 से 80 मरीजों को फायदा होगा।
एलडर्ली वार्ड: अस्पताल परिसर में ही बुजुर्गों के लिए नया वार्ड बनकर तैयार है। यहां दस मरीज भर्ती हो सकेंगे। बुजुर्गों को अलग से सुविधाएं दी जाएंगी और लाइन में लगने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। यहां चिकित्सक अलग से बैठेंगे।
कोट ----
ई हॉस्पिटल पर काम शुरू हो चुका है। अन्य सुविधाओं को भी बढ़ाया जा रहा है। शासन की मदद से नए साल में मरीजों को सुविधाएं मिल सकें इसके लिए प्रयास जारी हैं।
- डॉ. केएस गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक