फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Health

सीएचसी फरीदपुर में कारनामा- डॉक्टर की लापरवाही से गर्भवती की जान पर बन आई

Thu, 14 Nov 2019 02:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 02:33 AM IST
विज्ञापन
Health
फरीदपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की लापरवाही से बुधवार को एक गर्भवती की जान पर बन आई। डॉक्टर ने डिलीवरी के लिए किए जा रहे ऑपरेशन को बीच में ही छोड़ दिया और जच्चा-बच्चा की जान को खतरा बताकर टांके लगा दिए। इससे घबराए परिजन आनन-फानन में गर्भवती को बरेली के निजी अस्पताल ले गए। वहां ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
विज्ञापन

मोहल्ला मिर्धान निवासी अयूब की गर्भवती पत्नी रेशमा को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार शाम चार बजे फरीदपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। बुधवार सुबह रेशमा को डॉ. नूर बानो ने देखा और बताया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा। दिन में तीन बजे डॉ. नूर बानो ने रेशमा का ऑपरेशन शुरू किया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उन्होंने बच्चे के बच्चेदानी से चिपके होने की बात कहकर ऑपरेशन बीच में ही रोक दिया। इस बीच अधीक्षक बासित अली भी पहुंच गए। उन्होंने डॉक्टर से कहा कि अगर स्थिति काबू से बाहर है तो तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया जाए। इसके बाद डॉक्टर ने टांके लगाकर रेशमा को रेफर कर दिया। घबराए परिवार वाले आनन-फानन में बरेली के निजी अस्पताल ले गए। जहां ऑपरेशन से बच्ची का जन्म हुआ। परिवार वालों ने बताया कि वहां दोनों सुरक्षित हैं।
विज्ञापन


नहीं कराए गए टेस्ट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती रेशमा को भर्ती करके ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। आरोप है कि इससे पहले रेशमा की कोई जांच नहीं की गई, इसलिए बच्चे की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। रेशमा को टांके लगाकर रेफर करने से करीब तीन घंटे तक परिवार वालों की सांसें अटकी रहीं। निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके जच्चा-बच्चा को बचा लिया, लेकिन परिवार वाले लापरवाही पर सीएचसी के डॉक्टर को कोसते रहे। उधर, अधीक्षक ने भी डॉक्टर को आडे़ हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन करने से पहले उनको सारे टेस्ट करा लेने चाहिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुझे जब जानकारी मिली तो मैंने महिला डॉक्टर से बात की। डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ऊपरी लेयर देखने पर पता चला कि बच्चेदानी और बच्चा आपस में चिपके हैं। ऐसे में यहां ऑपरेशन से दोनों की जान जा सकती है, इसलिए रेफर किया गया। - डॉ. बासित अली अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फरीदपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed