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आरोग्य मेला : खांसी-बुखार की दवाएं नहीं, कैसे दूर करेंगे रोग
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दो जनवरी से सीएचसी-पीएचसी पर हर रविवार आरोग्य मेला लगाने की तैयारी
48 तरह की एक करोड़ टेबलेट की भेजी गई थी डिमांड, मिली हैं सिर्फ ढाई लाख
बरेली। सीएचसी-पीएचसी में रोजाना पहुंचने वाले मरीजों को देने के लिए खांसी-बुखार की दवाएं नहीं हैं और स्वास्थ्य विभाग ने दो जनवरी से आरोग्य मेला लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी का आदेश आने के बाद अफसर परेशान हैं कि आरोग्य मेला में दवाएं कहां से देंगे।
सरकार ने दो जनवरी से हर रविवार को सभी सीएचसी-पीएचसी पर आरोग्य मेला लगाने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि आरोग्य मेला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुष विभाग मिलकर लगाएंगे। इस मेले में 108 और 102 एंबुलेंस भी मौजूद रहेंगी। आरोग्य मेला में आयुष्मान भारत योजना के लिए गोल्डन कार्ड का कैंप भी लगाया जाएगा। मगर मेला में आने वाले मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसर चिंतित हैं। इन दिनों सीएचसी-पीएचसी में सर्दी-जुकाम, बुखार और खुजली तक की दवाआें का टोटा है। ऐसे में आरोग्य मेला में पहुंचने वाले मरीजों को दवाएं कहां से उपलब्ध कराएंगे।
मांगी थीं एक करोड़ टेबलेट, मिलीं सिर्फ ढाई लाख
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न रोगों की 48 तरह की एक करोड़ टेबलेट की डिमांड भेजी थी। इसके अलावा इंजेक्शन, सीरप और खुजली लोशन की डिमांड अलग से की गई गई थी। मगर यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन ने सिर्फ ढाई लाख टेबलेट भेजी हैं। इस वजह से सीएचसी-पीएचसी से रोजाना ही दवाओं की डिमांड की जा रही है।
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आरोग्य मेला में आने वाले डॉक्टर कार्य योजना बनाकर संक्रामक रोगों को रोकने पर काम करेंगे। इसका नोडल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को बनाया गया है। लोगों को आयुष्मान भारत, संक्रामक रोगों और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक भी किया जाएगा।
- डॉ. विनीत कुमार शुक्ल, सीएमओ
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48 तरह की एक करोड़ टेबलेट की भेजी गई थी डिमांड, मिली हैं सिर्फ ढाई लाख
बरेली। सीएचसी-पीएचसी में रोजाना पहुंचने वाले मरीजों को देने के लिए खांसी-बुखार की दवाएं नहीं हैं और स्वास्थ्य विभाग ने दो जनवरी से आरोग्य मेला लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी का आदेश आने के बाद अफसर परेशान हैं कि आरोग्य मेला में दवाएं कहां से देंगे।
सरकार ने दो जनवरी से हर रविवार को सभी सीएचसी-पीएचसी पर आरोग्य मेला लगाने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि आरोग्य मेला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुष विभाग मिलकर लगाएंगे। इस मेले में 108 और 102 एंबुलेंस भी मौजूद रहेंगी। आरोग्य मेला में आयुष्मान भारत योजना के लिए गोल्डन कार्ड का कैंप भी लगाया जाएगा। मगर मेला में आने वाले मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसर चिंतित हैं। इन दिनों सीएचसी-पीएचसी में सर्दी-जुकाम, बुखार और खुजली तक की दवाआें का टोटा है। ऐसे में आरोग्य मेला में पहुंचने वाले मरीजों को दवाएं कहां से उपलब्ध कराएंगे।
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मांगी थीं एक करोड़ टेबलेट, मिलीं सिर्फ ढाई लाख
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न रोगों की 48 तरह की एक करोड़ टेबलेट की डिमांड भेजी थी। इसके अलावा इंजेक्शन, सीरप और खुजली लोशन की डिमांड अलग से की गई गई थी। मगर यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन ने सिर्फ ढाई लाख टेबलेट भेजी हैं। इस वजह से सीएचसी-पीएचसी से रोजाना ही दवाओं की डिमांड की जा रही है।
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आरोग्य मेला में आने वाले डॉक्टर कार्य योजना बनाकर संक्रामक रोगों को रोकने पर काम करेंगे। इसका नोडल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को बनाया गया है। लोगों को आयुष्मान भारत, संक्रामक रोगों और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक भी किया जाएगा।
- डॉ. विनीत कुमार शुक्ल, सीएमओ