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टेबलेट मांगी 65 लाख, कॉरपोरेशन ने कहा ढाई लाख से काम चलाओ
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बरेली। जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक खत्म हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को पांच तरह की करीब 65 लाख टेबलेट भेजने के लिए मांगपत्र भेजा। मगर कॉरपोरेशन ने सिर्फ ढाई लाख टेबलेट से ही काम चलाने को कहा है।
मौसम सर्द होने के साथ ही अस्पताल में मरीजाें की संख्या बढ़ रही हैं। मगर यहां खांसी-जुकाम और बुखार की दवाओं की उपलब्धता भी नहीं हैै। विभाग ने दवाओं का मांगपत्र कॉरपोरेशन को भेजा, जिसमें बुखार और दर्द की एसिलोफि एंस, पैरासिटामोल, एमॉक्सीक्लीन समेत पांच तरह की करीब 65 लाख टेबलेट की मांग की गई थी। इस पर कॉरपोरेशन ने असमर्थता जताते हुए कहा कि अभी सिर्फ ढाई लाख टेबलेट की आपूर्ति ही संभव है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने संकट खड़ा हो गया है क्योंकि दवाओं की कमी सिर्फ जिला अस्पताल में ही नहीं 22 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, 16 सीएचसी और कुछ पीएचसी पर भी है। अफसर चिंतित हैं कि इतनी कम दवाओं से जिला अस्पताल का काम चलाएं या अन्य स्वास्थ्य केंद्र पर भेजें।
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मौसम सर्द होने के साथ ही अस्पताल में मरीजाें की संख्या बढ़ रही हैं। मगर यहां खांसी-जुकाम और बुखार की दवाओं की उपलब्धता भी नहीं हैै। विभाग ने दवाओं का मांगपत्र कॉरपोरेशन को भेजा, जिसमें बुखार और दर्द की एसिलोफि एंस, पैरासिटामोल, एमॉक्सीक्लीन समेत पांच तरह की करीब 65 लाख टेबलेट की मांग की गई थी। इस पर कॉरपोरेशन ने असमर्थता जताते हुए कहा कि अभी सिर्फ ढाई लाख टेबलेट की आपूर्ति ही संभव है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने संकट खड़ा हो गया है क्योंकि दवाओं की कमी सिर्फ जिला अस्पताल में ही नहीं 22 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, 16 सीएचसी और कुछ पीएचसी पर भी है। अफसर चिंतित हैं कि इतनी कम दवाओं से जिला अस्पताल का काम चलाएं या अन्य स्वास्थ्य केंद्र पर भेजें।
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