बच्चों को उल्टी होने पर भूलकर भी न दें ये सिरप, 20 हजार बच्चे पी गए दवा, अब पता चला सैंपल फेल!
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उल्टी रोकने के लिए बच्चों को दी जाने वाले सिरप ओंडनसेट्रॉन का सैंपल फेल हो गया है। यूपी मेडिकल कॉरपोरेशन ने नौ महीने पहले यह दवा भेजी थी। दवा की लगभग सभी बीस हजार शीशियां बच्चों को दी जा चुकी हैं। अब कॉरपोरेशन ने पत्र लिखकर जिला अस्पताल से कहा है कि इस दवा का वितरण न करें और बचे हुए स्टॉक को वापस भेज दें।
कॉरपोरेशन ने दवा सप्लाई करने वाली कंपनी को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। यहां दवाएं आती हैं और उपयोग होने के बाद विभाग को पता चलता है कि दवा सही नहीं थी। अप्रैल में ओंडनस्ट्रोन सिरप की बीस हजार शीशियों की खेप भेजी गई।
यह सिरप बच्चों को उल्टी आने और जी घबराने पर दिया जाता है। सिरप आने के बाद जिला अस्पताल ने सीएचसी और पीएचसी को इसकी सप्लाई दे दी। सरकारी अस्पतालों से यह दवा बच्चों को बांट दी गई। अब करीब नौ माह बाद कॉरपोरेशन ने जिला अस्पताल के सीएमओ और सीएमएस को पत्र लिखकर इस सिरप के उपयोग पर रोक लगाने को कहा है।
हालांकि, अब विभाग के पास सिरप का स्टॉक नहीं बचा है। कॉरपोरेशन ने सिरप बनाने वाली कंपनी को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया है। सीएमएस डॉ. टीएस आर्या ने बताया कि कॉरपोरेशन का पत्र मिल गया है। प्रदेश के किसी जिले में सैंपल फेल होने के बाद कॉरपोरेशन ने यह कदम उठाया है। यदि किसी स्वास्थ्य केंद्र पर यह सिरप होगा तो उसे वापस मंगाकर कॉरपोरेशन को भेजा जाएगा।
बिना मांग के भेजा गया था सीरप
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कॉरपोरेशन ने यह सिरप बिना मांग के ही भेज दिया था। महंगा होने के कारण करीब दो साल से डॉक्टरों ने इसे लिखना भी बंद कर दिया था। फिलहाल बच्चों को पेरीनॉर्म और डोमपैरीडाम सिरप लिखा जा रहा है। इन्हीं दो सिरप की मांग अस्पताल की ओर से भी कॉरपोरेशन को भेजी गई थी। इसके बावजूद कॉरपोरेशन ने ओंडनसेट्रॉन की बीस हजार की खेप भेज दी थी।