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नालियों में बहा रहे थे मेडिकल वेस्ट दो अस्पतालों के लाइसेंस हाेंगे निरस्त
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बरेली। स्वास्थ्य विभाग से लगातार बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर अस्पतालों को गाइड लाइंस जारी होने के बावजूद निजी अस्पताल वेस्ट को मैदानों और नालियों में बहा रहे हैं। शिकायतों के चलते एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लक्ष्मी नारायण ने मंगलवार को प्रेमनगर स्थित गुरु नानक चिल्ड्रन और अजय प्रतिमा अस्पताल का निरीक्षण किया। वेस्ट मैनेजमेंट खराब मिलने पर दोनों अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला को रिपोर्ट भेजी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल में बॉयो वेस्ट के निस्तारण के लिए कलर कोडिंग, अस्पताल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अधिकांश अस्पतालों ने इन गाइड लाइंस को नजरअंदाज कर दिया। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण बोर्ड की टीम अजय प्रतिमा अस्पताल पहुंची। यहां हर तरह का बॉयो मेडिकल वेस्ट एक ही डस्टबिन में पड़ा और इधर-उधर बिखरा मिला। वहीं गुरु नानक चिल्ड्रन अस्पताल में भी बॉयो वेस्ट के निस्तारण की सुविधा ठीक नहीं मिली। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दोनों ही अस्पतालों में एसटीपी-ईटीपी प्लांट भी नहीं हैं। अस्पताल स्टाफ प्रदूषित वेस्ट नालियों में बहा देता है। टीम ने निरीक्षण की रिपोर्ट सीएमओ को सौंपकर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है।
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स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल में बॉयो वेस्ट के निस्तारण के लिए कलर कोडिंग, अस्पताल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अधिकांश अस्पतालों ने इन गाइड लाइंस को नजरअंदाज कर दिया। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण बोर्ड की टीम अजय प्रतिमा अस्पताल पहुंची। यहां हर तरह का बॉयो मेडिकल वेस्ट एक ही डस्टबिन में पड़ा और इधर-उधर बिखरा मिला। वहीं गुरु नानक चिल्ड्रन अस्पताल में भी बॉयो वेस्ट के निस्तारण की सुविधा ठीक नहीं मिली। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दोनों ही अस्पतालों में एसटीपी-ईटीपी प्लांट भी नहीं हैं। अस्पताल स्टाफ प्रदूषित वेस्ट नालियों में बहा देता है। टीम ने निरीक्षण की रिपोर्ट सीएमओ को सौंपकर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है।
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