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‘डू लिटिल तकनीक’ से बेहतर होगा इलाज, लगेंगी 500 मशीनें
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बरेली। दूर दराज के इलाकों में स्थित सीएचसी-पीएचसी पर ‘डू लिटिल तकनीक’ के जरिये स्वास्थ्य विभाग बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं देने की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया आधुनिक मशीन के जरिये यह सुविधा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार को 500 मशीनें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया है।
विकास भवन में बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बातचीत में बताया, यह मशीन एक टेक्नीशियन ऑपरेट करता है। मौके पर ही ब्लड प्रेशर, शुगर, ईसीजी समेत 16 से अधिक तरह की जांच के बाद तत्काल उनकी रिपोर्ट मिल जाती है। टेक्नीशियन उस रिपोर्ट को कमांड सेंटर को ट्रांसफर करेगा और वहां ऑनलाइन ही उपचार की जानकारी मिल जाएगी फिर वे दवाएं पास के सीएचसी या पीएचसी से ली जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक टेली मेडिसिन की तरह काम कर करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर 500 मशीनें मांगी गई हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में काफी मदद मिलेगी।
अनुच्छेद 370 को बताया एतिहासिक भूल
स्वास्थ्य मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के अनुच्छेद 370 को एतिहासिक भूल करार दिया। बोले- अब तक हमारी सरकारें देश की जनता से दोहरा रवैया अपना रही थीं। आयुष्मान भारत, आरटीई जैसी सुविधाएं भारत के अन्य प्रदेशों में लागू थीं लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों को इनका लाभ नहीं मिलता था। हमारे प्रधानमंत्री ने इसे खत्म कर दिया है, अब कश्मीर की भी तरक्की होगी और वहां के लोगों को भी सभी सुविधाएं मिलेंगी।
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विकास भवन में बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बातचीत में बताया, यह मशीन एक टेक्नीशियन ऑपरेट करता है। मौके पर ही ब्लड प्रेशर, शुगर, ईसीजी समेत 16 से अधिक तरह की जांच के बाद तत्काल उनकी रिपोर्ट मिल जाती है। टेक्नीशियन उस रिपोर्ट को कमांड सेंटर को ट्रांसफर करेगा और वहां ऑनलाइन ही उपचार की जानकारी मिल जाएगी फिर वे दवाएं पास के सीएचसी या पीएचसी से ली जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक टेली मेडिसिन की तरह काम कर करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर 500 मशीनें मांगी गई हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में काफी मदद मिलेगी।
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अनुच्छेद 370 को बताया एतिहासिक भूल
स्वास्थ्य मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के अनुच्छेद 370 को एतिहासिक भूल करार दिया। बोले- अब तक हमारी सरकारें देश की जनता से दोहरा रवैया अपना रही थीं। आयुष्मान भारत, आरटीई जैसी सुविधाएं भारत के अन्य प्रदेशों में लागू थीं लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों को इनका लाभ नहीं मिलता था। हमारे प्रधानमंत्री ने इसे खत्म कर दिया है, अब कश्मीर की भी तरक्की होगी और वहां के लोगों को भी सभी सुविधाएं मिलेंगी।
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