{"_id":"5d4dcf698ebc3e6cec0c8c82","slug":"health-bareilly-news-bly3718720121","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसर चमकाते रहे अस्पताल, मंत्री की टीम पहले ही कर गई निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसर चमकाते रहे अस्पताल, मंत्री की टीम पहले ही कर गई निरीक्षण
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बरेली। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इस बार अफसरों के नहले पर दहला मारकर उनके पैरों तले से जमीन खींच ली है। मंडल भर के स्वास्थ्य अधिकारी कई दिन से अस्पतालों को चमकाने में लगे थे कि मंत्री कहीं उनके यहां का निरीक्षण न कर लें। इसी बीच शुक्रवार शाम बरेली पहुंचे मंत्री ने खुलासा किया कि उनकी पांच सदस्यीय टीम कई दिन पहले ही मंडल भर का निरीक्षण कर बदहाली को कैमरे में कैद कर ले गई है। सबूत के तौर पर उनके पास रंगीन फोटो मौजूद हैं, अब शनिवार को वह निरीक्षण नहीं हिसाब-किताब करेंगे।
सर्किट हाउस में मीडिया के बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मुझे पता था कि मेरे आने पर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी। इसलिए सारी हकीकत पहले ही पता करा ली है, शनिवार को समीक्षा बैठक में उसकी स्लाइड दिखाकर हिसाब-किताब लेंगे और जरूरत पर कार्रवाई भी होगी। बताया, प्रदेश में 13 मेडिकल कॉलेज शुरू हो रहे हैं, जो अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पूरी करेंगे। जिला महिला अस्पताल में प्रसूता के छत से कूदकर सुसाइड करने के मामले में पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही। सीएचसी-पीएचसी में रात में डॉक्टरों के न रुकने पर भी कार्रवाई की बात कही। इस दौरान जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, आदेश प्रताप सिंह, मनोज यादव समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे।
300 बेड का अस्पताल : पीपीपी मोड जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 300 बेड के अस्पताल को लेकर तीन प्रस्ताव हैं। उसे पीपीपी मोड पर संचालित कराएं, जिला अस्पताल शिफ्ट करें या वहां मेडिकल कॉलेज बन जाए। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग हैंडओवर होने का इंतजार है, इसके बाद निर्णय लिया जाएगा।
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बरेली बने मेडिकल टूरिज्म का हब
मंत्री ने कहा कि बरेली स्वास्थ्य सुविधाओं के हिसाब से बहुत अच्छा है। दो निजी मेडिकल कॉलेज हैं और अन्य व्यवस्थाएं भी अच्छी हैं। इसे तो मेडिकल टूरिज्म का हब बनना चाहिए, मैं इसके बारे में सोच रहा हूं।
बायोवेस्ट का हो रहा नया टेंडर
शहर में बायोवेस्ट की समस्या पर मंत्री ने बताया कि उसका नया टेंडर कराया जा रहा है। प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही निजी अस्पतालों को ट्रेंनिंग देकर इसके सेग्रिगेशन (पृथक्करण) की प्रक्रिया के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अर्क नंबर चार अस्पताल में आशाओं की मीटिंग की होगी जांच
पिछले दिनों अर्क नंबर चार अस्पताल में आशाओं की मीटिंग कराने का मामला अफसरों ने मंत्री से छिपा लिया। मीडिया ने जब मामला उठाया तो मंत्री भी हैरत में पड़ गए। पास ही मौजूद नगर विधायक ने भी उस मामले के अखबार में कई दिन तक छाए रहने की पुष्टि की तो उन्होंने अफसरों से जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री का निर्देश मिल गया है, अब दोबारा जांच कराई जाएगी।
शिकायतों की जांच के दिए निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह से भाजपा नेताओं ने जिला अस्पताल समेत सीएचसी, पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों क ी मरीजों संग दुर्व्यवहार की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत थी कि आर्थोपेडिक डॉ. केबी पाठक इमरजेंसी के मरीज को देखने के बजाय दुत्कारते हैं। वहीं, जगतपुर और सुभाषनगर की सीएचसी पर तैनात डॉक्टरों का रवैया भी मरीजों के प्रति उदासीन है। वे मरीजों को देखने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। तीनों ही मामलों पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने जांच कर रिपोर्ट जल्द रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री को देने की बात कही है।
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सर्किट हाउस में मीडिया के बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मुझे पता था कि मेरे आने पर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी। इसलिए सारी हकीकत पहले ही पता करा ली है, शनिवार को समीक्षा बैठक में उसकी स्लाइड दिखाकर हिसाब-किताब लेंगे और जरूरत पर कार्रवाई भी होगी। बताया, प्रदेश में 13 मेडिकल कॉलेज शुरू हो रहे हैं, जो अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पूरी करेंगे। जिला महिला अस्पताल में प्रसूता के छत से कूदकर सुसाइड करने के मामले में पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही। सीएचसी-पीएचसी में रात में डॉक्टरों के न रुकने पर भी कार्रवाई की बात कही। इस दौरान जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, आदेश प्रताप सिंह, मनोज यादव समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे।
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300 बेड का अस्पताल : पीपीपी मोड जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 300 बेड के अस्पताल को लेकर तीन प्रस्ताव हैं। उसे पीपीपी मोड पर संचालित कराएं, जिला अस्पताल शिफ्ट करें या वहां मेडिकल कॉलेज बन जाए। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग हैंडओवर होने का इंतजार है, इसके बाद निर्णय लिया जाएगा।
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बरेली बने मेडिकल टूरिज्म का हब
मंत्री ने कहा कि बरेली स्वास्थ्य सुविधाओं के हिसाब से बहुत अच्छा है। दो निजी मेडिकल कॉलेज हैं और अन्य व्यवस्थाएं भी अच्छी हैं। इसे तो मेडिकल टूरिज्म का हब बनना चाहिए, मैं इसके बारे में सोच रहा हूं।
बायोवेस्ट का हो रहा नया टेंडर
शहर में बायोवेस्ट की समस्या पर मंत्री ने बताया कि उसका नया टेंडर कराया जा रहा है। प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही निजी अस्पतालों को ट्रेंनिंग देकर इसके सेग्रिगेशन (पृथक्करण) की प्रक्रिया के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अर्क नंबर चार अस्पताल में आशाओं की मीटिंग की होगी जांच
पिछले दिनों अर्क नंबर चार अस्पताल में आशाओं की मीटिंग कराने का मामला अफसरों ने मंत्री से छिपा लिया। मीडिया ने जब मामला उठाया तो मंत्री भी हैरत में पड़ गए। पास ही मौजूद नगर विधायक ने भी उस मामले के अखबार में कई दिन तक छाए रहने की पुष्टि की तो उन्होंने अफसरों से जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री का निर्देश मिल गया है, अब दोबारा जांच कराई जाएगी।
शिकायतों की जांच के दिए निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह से भाजपा नेताओं ने जिला अस्पताल समेत सीएचसी, पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों क ी मरीजों संग दुर्व्यवहार की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत थी कि आर्थोपेडिक डॉ. केबी पाठक इमरजेंसी के मरीज को देखने के बजाय दुत्कारते हैं। वहीं, जगतपुर और सुभाषनगर की सीएचसी पर तैनात डॉक्टरों का रवैया भी मरीजों के प्रति उदासीन है। वे मरीजों को देखने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। तीनों ही मामलों पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने जांच कर रिपोर्ट जल्द रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री को देने की बात कही है।