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Bareilly News: छोटे भाइयों को पढ़ाकर बनाना चाहते थे अफसर, सपने रह गए अधूरे
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बहेड़ी/भोजीपुरा। गांव जटौआ में बिजली गिरने से दुर्गा प्रसाद की मौत के बाद उसका सपना भी अधूरा रह गया। वह नौ भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। दुर्गा प्रसाद ने शादी नहीं की थी। वह अपने छोटे भाईयों को पढ़ा लिखाकर अफसर बनना चाहते थे।
जटौआ के ग्रामीणों व मृतक के परिजनों ने बताया कि मृतक के बड़े भाई धनपाल और तीसरे नंबर के भाई राजू की शादी हो गई है। दुर्गा प्रसाद मजदूरी व घर की खेती-बाड़ी करने में सहयोग करते थे। दुर्गा प्रसाद अपने छोटे भाई राजेंद्र व राजू को पढ़ाने-लिखाने की फीस मजदूरी से भरते थे।वह अपने छोटे भाइयों को अफसर बनाना चाहते थे। छोटे भाई राजेंद्र ने बताया कि वह बीटीसी कर रहे हैं। उनसे बड़े राजू ने पालिटेक्निक कर लिया है। अब उनके भाई दुर्गा प्रसाद की मौत से उनके सपने अधूरे रह गए। संवाद
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पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था मृतक
बहेड़ी के फरीद अंसारी की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया। सुबह करीब 5:30 बजे वह घर से अपने मां के हाथ से बनी चाय को पीकर गया था। मिर्जापुर गांव में किसी रिश्तेदार के यहां जरूरी काम से जा रहा था, लेकिन कुछ देर में उसकी मौत की खबर सुन परिजन सुध-बुध खो बैठे। पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। संवाद
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जटौआ के ग्रामीणों व मृतक के परिजनों ने बताया कि मृतक के बड़े भाई धनपाल और तीसरे नंबर के भाई राजू की शादी हो गई है। दुर्गा प्रसाद मजदूरी व घर की खेती-बाड़ी करने में सहयोग करते थे। दुर्गा प्रसाद अपने छोटे भाई राजेंद्र व राजू को पढ़ाने-लिखाने की फीस मजदूरी से भरते थे।वह अपने छोटे भाइयों को अफसर बनाना चाहते थे। छोटे भाई राजेंद्र ने बताया कि वह बीटीसी कर रहे हैं। उनसे बड़े राजू ने पालिटेक्निक कर लिया है। अब उनके भाई दुर्गा प्रसाद की मौत से उनके सपने अधूरे रह गए। संवाद
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पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था मृतक
बहेड़ी के फरीद अंसारी की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया। सुबह करीब 5:30 बजे वह घर से अपने मां के हाथ से बनी चाय को पीकर गया था। मिर्जापुर गांव में किसी रिश्तेदार के यहां जरूरी काम से जा रहा था, लेकिन कुछ देर में उसकी मौत की खबर सुन परिजन सुध-बुध खो बैठे। पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। संवाद
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