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Bareilly News: बिथरी में डाली थी डकैती, फरीदपुर में की थी दो पुजारियों की हत्या
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मंदिर से कंबल और साइकिल तक लूट ले गया था गिरोह, बाराबंकी में हिरासत से भागा, आठ साल बाद एसटीएफ ने की थी गिरफ्तारी
बरेली। मुठभेड़ में मारा गया बदमाश इफ्तेकार दुर्दांत अपराधी था। वह अपने साथियों संग कई डकैती व लूट कर चुका था। मेरठ के गर्ग दंपती समेत चार हत्याएं की थीं। बिथरी में डकैती डाली थी। एडीजी ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अक्तूबर 2006 में इफ्तेकार के गिरोह ने फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव पचौमी स्थित पंचेश्वरनाथ शिव मंदिर पर धावा बोला था। वहां डकैती के दौरान गिरोह ने महंत शंकरलाल गिरि व सहायक महंत निर्वाण गिरि की हत्या कर दी थी। मंदिर के दानपात्र से रुपये, बहुमूल्य धातु की मूर्तियों के साथ ही साइकिल व साधुओं के कंबल तक लूट ले गए थे। मामले के एक महीने बाद ही पुलिस ने गिरोह को पकड़ लिया था। तब इफ्तेकार रोहित नाम से घटना में शामिल हुआ था और इसी नाम से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
नवंबर 2024 में इफ्तेकार के गिरोह ने बिथरी के उदयपुर जसरथपुर निवासी किसान कैसर खां के घर डकैती डाली थी। कैसर के तीन बेटे सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। इस लिहाज से करीब 18 लाख रुपये का माल उनके घर से गिरोह समेट ले गया था। पुलिस ने अगले ही महीने गिरोह के दो बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। दोनों के पैर में गोली लगी थी। इन्हीं से इफ्तेकार के बारे में इनपुट मिला और टीम ने उसका पीछा शुरू कर दिया। एसएसपी के मुताबिक वर्ष 2012 में यह बदमाश बाराबंकी से पुलिस कस्टडी से भाग गया था। आठ साल बाद 2020 में गिरफ्तार किया गया। तब भी उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और एसटीएफ ने उसे पकड़ा था। ब्यूरो
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बरेली। मुठभेड़ में मारा गया बदमाश इफ्तेकार दुर्दांत अपराधी था। वह अपने साथियों संग कई डकैती व लूट कर चुका था। मेरठ के गर्ग दंपती समेत चार हत्याएं की थीं। बिथरी में डकैती डाली थी। एडीजी ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अक्तूबर 2006 में इफ्तेकार के गिरोह ने फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव पचौमी स्थित पंचेश्वरनाथ शिव मंदिर पर धावा बोला था। वहां डकैती के दौरान गिरोह ने महंत शंकरलाल गिरि व सहायक महंत निर्वाण गिरि की हत्या कर दी थी। मंदिर के दानपात्र से रुपये, बहुमूल्य धातु की मूर्तियों के साथ ही साइकिल व साधुओं के कंबल तक लूट ले गए थे। मामले के एक महीने बाद ही पुलिस ने गिरोह को पकड़ लिया था। तब इफ्तेकार रोहित नाम से घटना में शामिल हुआ था और इसी नाम से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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नवंबर 2024 में इफ्तेकार के गिरोह ने बिथरी के उदयपुर जसरथपुर निवासी किसान कैसर खां के घर डकैती डाली थी। कैसर के तीन बेटे सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। इस लिहाज से करीब 18 लाख रुपये का माल उनके घर से गिरोह समेट ले गया था। पुलिस ने अगले ही महीने गिरोह के दो बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। दोनों के पैर में गोली लगी थी। इन्हीं से इफ्तेकार के बारे में इनपुट मिला और टीम ने उसका पीछा शुरू कर दिया। एसएसपी के मुताबिक वर्ष 2012 में यह बदमाश बाराबंकी से पुलिस कस्टडी से भाग गया था। आठ साल बाद 2020 में गिरफ्तार किया गया। तब भी उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और एसटीएफ ने उसे पकड़ा था। ब्यूरो
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