UP: कन्हैया गुलाटी ने विदेश में किया करोड़ों का निवेश, ईडी की जांच में खुलेगा 'खेल'; बरेली में दर्ज हैं 68 केस
बरेली में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी और उसके साथियों पर ईडी ने शिकंजा कस दिया है। ईडी ने गुलाटी की कंपनी कैनविज ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस मामले में गुलाटी समेत 12 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं।
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बरेली में कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी के खिलाफ धोखाधड़ी के 68 मामले दर्ज हैं, लेकिन वह परिवार समेत काफी समय से लापता है। बरेली एसआईटी उसे तलाश नहीं पाई है। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी नोटिस रिसीव करने वाला भी कोई नहीं है। नोटिस रिसीव नहीं करने व विधिक प्रक्रिया का पालन नहीं होने पर ईडी वारंट भी जारी करा सकती है। ईडी की जांच शुरू होने से ये माना जा रहा है कि अब देश व विदेश में गुलाटी की संपत्ति चिह्नित की जा सकेगी।
गुलाटी समेत 12 लोगों को भेजे गए हैं नोटिस
सूत्र बताते हैं कि गुलाटी धोखाधड़ी से कमाई संपत्ति बेचकर विदेश में निवेश कर चुका है। खासकर दुबई में उसने बड़ी रकम निवेश की है। अब ईडी ने कैनविज ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्डिंग का केस दर्ज किया है। कैनविज ग्रुप के चेयरमैन कनीया गुलाटी समेत 12 लोगों को ईडी ने नोटिस भेजे हैं। कन्हैया गुलाटी ने अपने परिवार और गुर्गों संग मिलकर कैनविज कंपनी में निवेश कराने के बहाने लोगों के करीब दो हजार करोड़ रुपये ठग लिए। गुलाटी ने अवैध कमाई को सफेद करने के लिए अपने करीबियों और रिश्तेदारों के नाम देश में अलग-अलग संपत्तियां खरीदीं।
सफेदपोशों-रसूखदारों को भी लगाया चूना
सूत्र बताते हैं कि गुलाटी गैंग ने कई नामचीन लोगों, सफेदपोशों और रसूखदार लोगों की काली कमाई को बड़े स्तर पर अपनी कंपनी में निवेश कराया। काली कमाई को बचाने और जमीन खरीद-फरोख्त आदि कामों के जरिये उसे सफेद कराने में लोगों ने काफी दिलचस्पी ली। शुरू में गुलाटी उनकी इच्छा के मुताबिक काम भी करता रहा। बाद में इसी रकम को हड़पकर अपने करीबियों के नाम संपत्तियां खरीद लीं। कई बड़े निवेशक रकम गंवाने के बाद भी चुप्पी साधे हैं। इनमें पूर्व में जिले में तैनात रहे कुछ अधिकारी भी ठगी के शिकार बताए जा रहे हैं।
एसआईटी ने सिर्फ विवेचना में दिखाई दिलचस्पी
गुलाटी गैंग के खिलाफ दर्ज मुकदमों की विवेचना करने के लिए एसपी यातायात अकमल खान के नेतृत्व एसआईटी बनाई गई थी, पर वह कुछ खास कार्रवाई नहीं कर सकी। कुल 68 मामले दर्ज किए गए, जिनमें एक हजार से ज्यादा शिकायतकर्ता हैं। टीम ने शुरू में गुलाटी पर चार्जशीट लगाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई और जब उसे तलाशना शुरू किया तो वह लापता हो गया। सूत्र बताते हैं कि गुलाटी परिवार समेत विदेश में शिफ्ट हो चुका है। डीआईजी अजय साहनी ने इन मामलों की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने की संस्तुति शासन से की है। अभी तक वहां से प्रगति नहीं हो सकी है।
बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कन्हैया गुलाटी के मामले में ईडी की जांच के विषय में पुलिस को जानकारी नहीं है। पुलिस ने अपने मामलों में विवेचना मजबूत तरीके से करके काफी साक्ष्य जुटा लिए हैं। एसआईटी उसकी गिरफ्तारी में जुटी है। आर्थिक अपराध शाखा को केस ट्रांसफर करने के लिए भी शासन स्तर से लिखापढ़ी की जा रही है।