फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   GST team raided saree showroom in Bareilly

GST Raid: बरेली में ग्राहक बनकर साड़ी खरीदने पहुंचे अफसर, शोरूम मालिक की खुली पोल... मांगी माफी

Mon, 11 Nov 2024 05:18 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 11 Nov 2024 05:18 PM IST
सार

Bareilly News: बरेली में जीएसटी की एसआईबी टीम ने ग्राहक बनकर साड़ी के शोरूम पर छापा मारा। टीम ने साड़ी खरीदी। इसका बिल मांगा तो विक्रेता ने पर्ची पर लिखकर दे दिया। इसके बाद टीम ने अपना परिचय दिया। इस पर विक्रेता के होश उड़ गए। 

विज्ञापन
GST team raided saree showroom in Bareilly
जीएसटी की एसआईबी टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के नगरिया कला में स्थित रब जरी आर्ट रेडीमेड गारमेंट फर्म पर शनिवार को राज्यकर की एसआईबी टीम ग्राहक बनकर पहुंची। विक्रेता ने साड़ी की खरीद के बाद टीम को कच्चा बिल थमा दिया। अधिकारियों ने इसे कर चोरी मानते हुए मौके पर ही छापा मारकर जांच की तो बड़े पैमाने पर बोगस फर्मों से खरीद की पुष्टि हुई। टीम को प्रथमदृष्टया 50 लाख रुपये के माल की फर्जी फर्मों से खरीद मिली है। टीम ने 43 लाख रुपये कीमत के कपड़े सीज करके छह लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा कराए हैं। साथ ही कई दस्तावेज जांच के लिये जब्त किये हैं।

विज्ञापन


बिल देने से किया इनकार 
संयुक्त आयुक्त अवधेश सिंह के दिशा-निर्देश पर शनिवार को छापा की यह कार्रवाई एसआईबी उपायुक्त अनिरुद्ध सिंह, सहायक आयुक्त वेद प्रकाश शुक्ला, विकास मिश्रा ने की। टीम के सदस्य प्रतिष्ठान पर ग्राहक बनकर पहुंचे। उन्होंने जरी वर्क की एक साड़ी खरीदी। इसका पक्का बिल मांगा तो मौजूद कर्मियों ने बिल देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन


सिपाही की करतूत: 'मेरे सामने कुर्सी पर बैठने की हिम्मत न करना...', अनुसूचित जाति के शख्स को जमीन पर बैठाया
विज्ञापन
विज्ञापन


43 लाख के कपड़े सीज 
अधिकारियों ने पूछा कि घर ले जाने के बाद साड़ी पसंद न आने पर वापस कैसे करेंगे तो कारोबारी मोहम्मद इकराम ने एक पर्ची पर एक पीस साड़ी, कीमत लिखकर नीचे हस्ताक्षर कर दिए। ये पर्ची मिलते ही टीम सक्रिय हो गई। टीम ने परिचय देकर छानबीन शुरू कर दी। प्रतिष्ठान में पक्के बिल से खरीदे गए माल से इतर मौजूद करीब 43 लाख रुपये कीमत के कपड़े सीज कर दिए। मौके पर छह लाख रुपये जमा कराए गए। साथ ही खरीद और बिक्री के कई दस्तावेज टीम साथ ले गई।

कानपुर, दिल्ली की फर्मों के नाम पर हो रहा था फर्जीवाड़ा
प्रतिष्ठान पर उपलब्ध दस्तावेजों की जांच में पता चला कि रब जरी आर्ट फर्म पर प्रतिवर्ष करीब पांच करोड़ रुपये से ज्यादा माल की बिक्री की जा रही है, लेकिन कच्चे बिलों से बिक्री करते हुए मामूली राज्यकर जमा किया जा रहा है। यही नहीं जीएसटी देने से बचने के लिए कारोबारी दिल्ली और कानपुर की पंजीकृत फर्जी रैकेट वाली फर्मों के फर्जी बिल लगाकर राज्यकर समायोजित कर रहा था।

खुली पोल तो कारोबारी ने मांगी माफी
एसआईबी के छापा पर पहले कारोबारी ने काफी आपत्ति जताई पर जब जांच शुरू हुई और पोल खुलने लगी तो बैकफुट पर आ गया। कर चोरी स्वीकारते हुए माफी मांगने लगा। अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेज और स्टॉक का मिलान किया गया। माल और प्रपत्र सीज किए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed