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Bareilly News: पार्सल ऑफिस में बिखरा पड़ा सामान, जंक्शन पर आग बुझाने के इंतजाम नहीं
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बरेली। जंक्शन पर बृहस्पतिवार को एमसीओ (मूवमेंट कंट्रोल ऑफिस) एसी की आउटडोर यूनिट फटने से फाइबर केबल में आग लगने की घटना के बाद भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया है। कई स्थानों पर बिजली के तार अब भी बिखरे पड़े हैं। स्वचालित सीढि़यों के पास तारों का मकड़जाल है। पार्सल ऑफिस में बिखरे सामान के बीच पेट्रोल भरे कई वाहन खड़े होते हैं। जंक्शन परिसर में आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी हैं।
जंक्शन परिसर ही नहीं, राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी ट्रेनों को छोड़कर अन्य ट्रेनों में आग बुझाने के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। ट्रेनों के जनरल कोच में क्षमता से चार-पांच गुना अधिक यात्री सफर करते हैं। ऐसे में कोई अनहोनी हुई तो काबू पाना मुश्किल होगा। शुक्रवार दोपहर 15910 अवध-असम एक्सप्रेस जंक्शन आई तो इसके जनरल डिब्बों में आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं दिखे। स्लीपर कोचों का भी बुरा हाल था।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे के नियम पहले से तय हैं। प्लेटफाॅर्म के आसपास ज्वलनशील पदार्थ प्रतिबंधित हैं। सभी सेफ्टी नियमों का पालन किया जा रहा है। परिसर में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है। एमसीओ में एसी प्लेटफाॅर्म परिसर के बाहर लगे हुए थे। पूरे परिसर में हाई प्रेशर पानी की व्यवस्था है। पार्सल समेत अन्य विभागों के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा।
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ये है हकीकतप्लेटफॉर्म पर ज्वलनशील पदार्थ ले जाना प्रतिबंधित है पर इसकी नियमित जांच नहीं होती। कई बार ट्रेनों में ही सिगरेट-बीड़ी के कारण अग्निकांड की नौबत आ जाती है। प्लेटफार्म पर खाने-पीने के स्टॉल पर केरोसिन, एलपीजी या फिर अन्य किसी प्रकार के ईंधन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इससे इतर, इन दिनों शाॅर्ट सर्किट से अग्निकांड हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को सेना के एमसीओ में भी शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी थी।
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जंक्शन परिसर ही नहीं, राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी ट्रेनों को छोड़कर अन्य ट्रेनों में आग बुझाने के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। ट्रेनों के जनरल कोच में क्षमता से चार-पांच गुना अधिक यात्री सफर करते हैं। ऐसे में कोई अनहोनी हुई तो काबू पाना मुश्किल होगा। शुक्रवार दोपहर 15910 अवध-असम एक्सप्रेस जंक्शन आई तो इसके जनरल डिब्बों में आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं दिखे। स्लीपर कोचों का भी बुरा हाल था।
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मुख्य वाणिज्य निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे के नियम पहले से तय हैं। प्लेटफाॅर्म के आसपास ज्वलनशील पदार्थ प्रतिबंधित हैं। सभी सेफ्टी नियमों का पालन किया जा रहा है। परिसर में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है। एमसीओ में एसी प्लेटफाॅर्म परिसर के बाहर लगे हुए थे। पूरे परिसर में हाई प्रेशर पानी की व्यवस्था है। पार्सल समेत अन्य विभागों के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा।
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ये है हकीकतप्लेटफॉर्म पर ज्वलनशील पदार्थ ले जाना प्रतिबंधित है पर इसकी नियमित जांच नहीं होती। कई बार ट्रेनों में ही सिगरेट-बीड़ी के कारण अग्निकांड की नौबत आ जाती है। प्लेटफार्म पर खाने-पीने के स्टॉल पर केरोसिन, एलपीजी या फिर अन्य किसी प्रकार के ईंधन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इससे इतर, इन दिनों शाॅर्ट सर्किट से अग्निकांड हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को सेना के एमसीओ में भी शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी थी।