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Bareilly News: आधे दिन की ओपीडी से एआरवी लगवाना हुआ मुश्किल
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बरेली। सरकारी अस्पतालों में ईद मिलादुन्नबी के सार्वजनिक अवकाश के दौरान बुधवार दोपहर 12 बजे के बाद इलाज के लिए पहुंचे मरीज चक्कर काटते रहे। एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए 300 बेड अस्पताल से जिला अस्पताल भेजा गया। कई निजी अस्पताल चले गए।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को दोपहर 12 बजे तक 289 पर्चे बने। करीब सौ लोग पुराना पर्चा लेकर इलाज के लिए पहुंचे। इसी के साथ पुराने परिसर में एआरवी क्लीनिक भी बंद हो गई।
तीन सौ बेड अस्पताल में डेढ़ सौ पर्चे बने। इसमें करीब सौ पर्चे एआरवी लगवाने के लिए थे। क्लीनिक बंद होने के बाद भी लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचते रहे।
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कालीबाड़ी के अंकुर राजपूत, सैलानी की नगमा, पुराना शहर की नेहा, कटरा चांद खां के वीर बहादुर, सिविल लाइंस के आदित्य दोपहर डेढ़ बजे पहुंचे थे। मौजूद कर्मचारी ने इन्हें जिला अस्पताल इमरजेंसी भेज दिया।
वहीं, कुछ लोग जिला अस्पताल में केंद्र बंद होने से वैक्सीन लगने की उम्मीद लेकर तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचे थे। पहली डोज लगवाने वाले लोग निजी केंद्र जाने को विवश रहे। जबकि दूसरी, तीसरी, चाैथी डोज लगवाने वालों को बृहस्पतिवार को क्लीनिक में एआरवी लगवाने का सुझाव दिया।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को दोपहर 12 बजे तक 289 पर्चे बने। करीब सौ लोग पुराना पर्चा लेकर इलाज के लिए पहुंचे। इसी के साथ पुराने परिसर में एआरवी क्लीनिक भी बंद हो गई।
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तीन सौ बेड अस्पताल में डेढ़ सौ पर्चे बने। इसमें करीब सौ पर्चे एआरवी लगवाने के लिए थे। क्लीनिक बंद होने के बाद भी लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचते रहे।
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कालीबाड़ी के अंकुर राजपूत, सैलानी की नगमा, पुराना शहर की नेहा, कटरा चांद खां के वीर बहादुर, सिविल लाइंस के आदित्य दोपहर डेढ़ बजे पहुंचे थे। मौजूद कर्मचारी ने इन्हें जिला अस्पताल इमरजेंसी भेज दिया।
वहीं, कुछ लोग जिला अस्पताल में केंद्र बंद होने से वैक्सीन लगने की उम्मीद लेकर तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचे थे। पहली डोज लगवाने वाले लोग निजी केंद्र जाने को विवश रहे। जबकि दूसरी, तीसरी, चाैथी डोज लगवाने वालों को बृहस्पतिवार को क्लीनिक में एआरवी लगवाने का सुझाव दिया।