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चित्रों के माध्यम से दिखाया लोक जीवन का उल्लास
बरेली
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:55 AM IST
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बरेली कॉलेज में ‘समकालीन कला में लोक कला की प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कलाविद जुटे। इसमें विद्वानों ने लोक कला का महत्व बताते हुए स्लाइड के माध्यम से इसके विविध आयाम प्रदर्शित किए। चित्रों के माध्यम से लोक जीवन का उल्लास भी दिखाया गया।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि पद्मश्री यशोधर मठपाल ने कहा कि कला के प्रति कलाकार को ईमानदार होना चाहिए। जो कलाकार समर्पण की भावना से काम करते हैं, वे कामयाब होते हैं। उन्होंने रॉक आर्ट पर बहुत काम किया है। साथ ही उत्तराखंड की कला को भी संग्रहीत किया है। उन्होंने व्याख्यान के साथ ही लोक कला की स्लाइड भी दिखाई और चित्रों के माध्यम से भी प्रदर्शन किया।
कला दीर्घा के संपादक अवधेश मिश्र ने लोक कला के समसामयिक कलाकारों के चित्रों की स्लाइड दिखाई। उन्होंने दिखाया कि आधुनिक समय में कलाकार कैसे लोक कला पर काम कर रहे हैं। मुख्य वक्ता भोपाल से आए प्रो. एलएन भावसार ने कहा कि समकालीन कला को जिंदा रखना कलाकारों का कर्तव्य है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ की डॉ. मंजुला चतुर्वेदी ने कलाकारों के पेपर पर टिप्पणियां दीं। खामियां बताते हुए उसे बेहतर करने के सुझाव भी दिए। बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने कहा कि विद्वानों ने यहां आकर कला के विविध आयाम युवा कलाकारों तक पहुंचाए। संगोष्ठी की संयोजक व विभाग प्रभारी डॉ. मंजू सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ. अर्पण लॉड, डॉ. पुष्पलता शर्मा, डॉ. शशिबाला राठी, डॉ. अनुराधा आर्या, डॉ. अजय शर्मा आदि मौजूद रहे।
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ओटीएस को आज से मिलेंगे प्रवेश पत्र
बरेली। बरेली कॉलेज में मुख्य परीक्षा में ओटीएस के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को सोमवार को सुबह दस से दोपहर दो बजे तक प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। कॉलेज के कार्यालय से शिक्षक प्रवेश पत्र ले सकते हैं। शिक्षक प्रवेश पत्र के बिना ओटीएस ड्यूटी नहीं कर पाएंगे। यह जानकारी प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने दी।
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संगोष्ठी के मुख्य अतिथि पद्मश्री यशोधर मठपाल ने कहा कि कला के प्रति कलाकार को ईमानदार होना चाहिए। जो कलाकार समर्पण की भावना से काम करते हैं, वे कामयाब होते हैं। उन्होंने रॉक आर्ट पर बहुत काम किया है। साथ ही उत्तराखंड की कला को भी संग्रहीत किया है। उन्होंने व्याख्यान के साथ ही लोक कला की स्लाइड भी दिखाई और चित्रों के माध्यम से भी प्रदर्शन किया।
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कला दीर्घा के संपादक अवधेश मिश्र ने लोक कला के समसामयिक कलाकारों के चित्रों की स्लाइड दिखाई। उन्होंने दिखाया कि आधुनिक समय में कलाकार कैसे लोक कला पर काम कर रहे हैं। मुख्य वक्ता भोपाल से आए प्रो. एलएन भावसार ने कहा कि समकालीन कला को जिंदा रखना कलाकारों का कर्तव्य है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ की डॉ. मंजुला चतुर्वेदी ने कलाकारों के पेपर पर टिप्पणियां दीं। खामियां बताते हुए उसे बेहतर करने के सुझाव भी दिए। बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने कहा कि विद्वानों ने यहां आकर कला के विविध आयाम युवा कलाकारों तक पहुंचाए। संगोष्ठी की संयोजक व विभाग प्रभारी डॉ. मंजू सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ. अर्पण लॉड, डॉ. पुष्पलता शर्मा, डॉ. शशिबाला राठी, डॉ. अनुराधा आर्या, डॉ. अजय शर्मा आदि मौजूद रहे।
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बरेली। बरेली कॉलेज में मुख्य परीक्षा में ओटीएस के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को सोमवार को सुबह दस से दोपहर दो बजे तक प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। कॉलेज के कार्यालय से शिक्षक प्रवेश पत्र ले सकते हैं। शिक्षक प्रवेश पत्र के बिना ओटीएस ड्यूटी नहीं कर पाएंगे। यह जानकारी प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने दी।