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अधूरे कागजों के चक्कर में पुलिस ने पकड़ा ‘देसी घी’ एफएसडीए ने किया सीज

Fri, 14 Aug 2020 02:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2020 02:03 AM IST
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FSDA seizes 'desi ghee' by police in unfinished paper affair
पकड़े गए देशी देघी के पीपे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

करीब दस लाख कीमत का घी रिकार्ड में दिखाया आधी कीमत का, 150 टिन जब्त, जांच रिपोर्ट मिलने पर खुलेगी हकीकत, जब्त पीपों पर किसी ब्रांड का लेबल नहीं, मिलावट का शक

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बरेली। राजस्थान के धौलपुर से लाए गए ‘देसी घी’ के करीब डेढ़ सौ टिन बुधवार को अचानक ट्रैफिक पुलिस की रुटीन चेकिंग में पकड़ लिए गए। दरअसल पुलिस ने कागज न होने की वजह से इस गाड़ी को सीज किया था लेकिन बाद में पता चला कि उसमें लाया जा रहा देसी घी भी संदिग्ध है तो इसकी जानकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग यानी एफएसडीए को दे दी गई। एफएसडीए ने देसी घी के नमूने लेकर गाड़ी में मिले डेढ़ सौ टिन को जब्त कर लिया। नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है।
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रामगंगा पुल पर बुधवार को चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ी यूपी 83 टी 5662 को रोककर ड्राइवर से कागजात मांगे। छानबीन में पता चला कि गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट समेत कई कागत नहीं हैं। ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ी को सीज करके उसे पुलिस लाइन में लाकर ट्रैफिक पुलिस कार्यालय परिसर में खड़ा करा दिया। टीआई परवेज अली से इसकी जानकारी मिलने पर एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार ने जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा को सीज की गई गाड़ी में घी के टिन होने की सूचना दे दी। मिश्रा ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसएसडी सचान और एसएन कुशवाहा को वाहन में मौजूद घी के सैंपल लेने के निर्देश दिए। मौके पर पहुंची टीम ने डेढ़ सौ टिन में मौजूद 2250 किलो ‘देसी घी’ जब्त कर सीज कर दिया। इसके बाद सभी टिन धौलपुर से घी मंगाने वाली रामा घी फर्म के प्रोप्राइटर राकेश अग्रवाल की ही सुपुर्दगी में दे दिया गया।
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पकड़े गए ‘देसी घी’ के टिन पर न कोई लेबल न ब्रांड

गाड़ी से बरामद ‘देसी घी’ बरेली की फर्म रामगोपाल मुन्नालाल ने धौलपुर की ओमशंकर फूड इंडस्ट्रीज से मंगाया था। किसी भी टिन पर न कोई लेबल लगा था न उसका ब्रांड था। गाड़ी सीज होने के बाद घी मंगाने वाली फर्म को ही उसे सुपुर्दगी में दे दिया गया। एफएसडीए टीम ने फर्म के आलमगीरीगंज स्थित गोदाम में रखे टिन से दो सैंपल लिए। किसी भी टिन पर लेबल या ब्रांड न होने से पकड़ा गया ‘देसी घी’ संदेह के घेरे में आ गया है। एफएसडीए अफसरों के मुताबिक लैब से रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में पूरी विधिक कार्रवाई तय होगी। हालांकि मिस ब्रांड होने के कारण तीन लाख रुपये का जुर्माना पड़ना तय है। एफएसडीए अफसरों ने बताया कि पैकिंग पर लेबल और पूरा ब्योरा न होना भी गड़बड़ी की श्रेणी में आता है।

‘देसी घी’ की कीमत में भी हेराफेरी

धौलपुर से घी मंगाने वाली फर्म ने पकड़े गए माल की कीमत 5,13,417 रुपये बताई है, हालांकि जानकारों का कहना है कि घी की कीमत करीब दस लाख रुपये है। माना जा रहा है कि यह सब टैक्स चोरी के लिए किया जा जाता है। फिलहाल इस पर भी जांच होनी है।

बिना लेबल वाले पीपों में आता है और राम-श्याम नाम से बिक जाता है ‘देसी घी’

बरेली। शहर के बाजार में दूसरे राज्यों से हर महीने ऐसा ही सैकड़ों टन ‘देसी घी’ आ रहा है जिसके असली या नकली होने का कोई प्रमाण नहीं होता। शहर के ज्यादातर व्यापारी बिना लेबल वाले पीपों में यह घी मंगाते हैं और राम-श्याम जैसे किसी भी नाम से अपना लेबल लगाकर बेच देते हैं। बाजार के सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर देसी घी संदिग्ध ही होता है लेकिन नीचे से ऊपर तक मिलीभगत की वजह से करोड़ों का धंधा हर महीने हो जाता है।

बाजार के सूत्रों के मुताबिक घी के इन टिनों पर कारोबारी अपना ब्रांड और फर्म का लेबल लगाकर कारोबार कर रहे हैं जो एफएसएसआई नियमों के खिलाफ है। ऐसा कारोबार मिथ्या छाप यानी मिसब्रांड की श्रेणी में आता है। इस पर तीन लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। बताया जाता है कि दूसरे शहरों और राज्यों से हर महीने करीब एक हजार टन मिस ब्रांड देसी घी आता है जिसे बरेली के बाजार में खपा दिया जाता है। यह ‘देसी घी’ कैसे और कौन बनाता है, यह कोई नहीं जानता। एफएसडीए के सामने भी पहली बार ऐसा मामला सामने आया है। देसी घी की पहुंच लगभग आधी आबादी तक बतायी जाती है।

अनजाने में खुल गया बड़ा खेल

करोड़ों रुपये का मिसब्रांड घी उत्पाद बरेली बाजार में खपाने का खेल अनजाने में खुल गया। रामगंगा पर बदायूं की ओर से आ रही एक गाड़ी को ट्रैफिक पुलिस ने रोका तो कागजों में कमी मिली। इसके बाद मामला जब एफएसडीए तक पहुंचा तो खुलासा हुआ कि करोड़ों रुपये का हर महीने मिसब्रांड ‘देसी घी’ इसी तरह बरेली आकर बिक जाता है। इस कारोबार से बड़े पैमाने पर वाणिज्य और आयकर की भी चोरी हो रही है। इसका खुलासा होने से ये दोनों विभाग भी सक्रिय हो गए हैं।
राजस्थान के धौलपुर शहर से आए 150 टिन में देसी घी बताया गया है। एसपी ट्रैफिक से हमें इसकी जानकारी मिली जिसके बाद इसके सैंपल लिए गए हैं। जिस फर्म ने यह घी मंगाया, उसके परिसर में रखे इन टिनों से दो सैंपल लिए गए हैं जिनकी लैब में जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। किसी भी टिन पर लेबल नहीं लगा था इसलिए यह उत्पाद संदिग्ध है और मिसब्रांड की श्रेणी में आता है। सभी टिन जब्त कर सीज कर रामा घी फर्म की अभिरक्षा में रखवा दिए गए हैं। - डीआर मिश्रा, जिला अभिहित अधिकारी
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