Cyber Crime: बीमा पॉलिसी नवीनीकरण के बहाने एक करोड़ रुपये की ठगी, ऐसे शिकार बनाते हैं जालसाज, रहें सावधान
साइबर अपराधी ठगी करने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। बीमा पॉलिसी नवीनीकरण या निवेश के नाम पर भी ठगी के मामले बढ़े हैं। बरेली में तीन लोगों से एक करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई।
विस्तार
बीमा पॉलिसी नवीनीकरण या अच्छी पॉलिसी में निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़े हैं। चार माह के भीतर बरेली जिले के तीन लोगों से शातिरों ने एक करोड़ रुपये की ठगी कर ली। रिपोर्ट दर्ज कर साइबर थाना पुलिस ने आगरा निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया तो पता लगा कि वह सिर्फ मोहरा ही है। फिलहाल, सरगना अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
एकमुश्त प्रीमियम जमा कराने के नाम पर ठगी
नॉर्थ सिटी एक्सटेंशन निवासी शख्स ने 18 मार्च को साइबर थाने में रिपोर्ट कराई थी कि एक नामी बीमा कंपनी में उनकी पॉलिसी चल रही है। पॉलिसी का प्रीमियम पांच साल तक जमा होना था, जो वह कर चुके थे।
उनके पास उसी बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर कॉल आने लगी कि आपकी मेच्योरिटी की धनराशि शेयर मार्केट में लगाने के लिए सहमति चाहिए। कॉल को वह नजरअंदाज करते रहे तो कथित सीनियर ने बताया कि अगर आप 25 साल के प्रीमियम के तौर पर एकमुश्त दस लाख रुपये जमा कर देंगे तो तत्काल आपको 36 लाख रुपये मिलेंगे।
वह इन लोगों की बातों में आकर 10 लाख रुपये दे बैठे। साथ ही अन्य मदों में करीब 14 लाख रुपये फंसा बैठे। जब आरोपियों की कॉल आनी बंद हो गई तो पता लगा कि उनके साथ ठगी हो चुकी है।
बंद पॉलिसी चालू कराने के नाम पर 19 लाख हड़पे
डेलापीर निवासी शख्स की बंद बीमा पॉलिसी चालू कराने के नाम पर साइबर ठगों ने उन्हें भरोसे में लिया। बाद में कहा गया कि कंपनी का आईपीओ आने वाला है। तीन महीने में ही निवेश की गई रकम दोगुनी हो जाएगी। इस तरह लालच देकर उनके साथ ठगी की जाती रही। 19 लाख रुपये ठगे जाने के बाद उनको इसका एहसास हुआ।
उन्होंने 19 फरवरी को चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में जानकारी जुटाई तो पता लगा कि दिल्ली में बैठकर ठगी की जा रही थी। आगरा निवासी आरोपी शिवम को गिरफ्तार किया गया तो पता लगा कि उसके नाम से 11 खाते चल रहे थे।
महिला के 53 लाख रुपये ठगे
दो महीने पहले ही शहर निवासी एक महिला ने 53 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाकर साइबर थाने में रिपोर्ट कराई थी। महिला भी इसी तरह के गिरोह के शिकंजे में फंस गई थी। पॉलिसी नवीनीकरण के साथ ही नई आकर्षक पॉलिसी महिला को समझाई गई, जिसमें तत्काल ही शानदार रिटर्न था। महिला को जब ठगी का एहसास हुआ, तब तक देर हो चुकी थी। इस मामले में भी विवेचना चल रही है।
- किसी को आधार कार्ड या पैन कार्ड न भेजें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी आकर्षक प्लान, ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
- रात में सोते वक्त मोबाइल फोन पर इंटरनेट बंद रखें।
- ठगी होते ही टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
- cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।