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गबन का रिकार्ड न मिल पाने से नहीं आ सकी नायब नाजिर की जांच
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बरेली। गबन के मामले में फंसे नायब नाजिर के खिलाफ चल रही जांच रिकार्ड न मिलने से नहीं पूरी हो पा रही है। हालांकि, एसडीएम का कहना है कि पूर्व में गायब हुए अभिलेख ढूंढ लिए गए हैं। अब लेखा टीम से इसकी जांच कराने की डीएम से अनुमति मांगी गई है।
कलक्ट्रेट में अचैट गबन के मामले में निलंबित नायब नाजिर शशिकांत की जांच तहसीलदार मीरगंज कर रहे हैं। इस संबंध में तहसीलदार ने रिपोर्ट दी कि नायब नाजिर अशोक कुमार जौहरी को कई बार निर्देशित किया गया कि सभी रिकार्ड लेखा टीम को उपलब्ध कराकर इसका आडिट कराना सुनिश्चित करें। लेकिन जिस वर्ष का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है, वह न मिलने से ऑडिट नहीं कराया जा पा रहा है। तहसीलदार का कहना है कि यह संज्ञान में आने के बाद इस प्रकरण की जांच तत्कालीन नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश ने की थी। इसके बाद नायब नाजिर शशिकांत के खिलाफ कई अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एसडीएम का कहना है कि पहले जो रिकार्ड नहीं दिए जा रहे थे, उन्हें तलाश करा लिया गया है। अभिलेख काफी संख्या में है, इसलिए इन्हें कहीं ले जाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने इस मामले की जांच लेखा टीम से कराने जाने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
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कलक्ट्रेट में अचैट गबन के मामले में निलंबित नायब नाजिर शशिकांत की जांच तहसीलदार मीरगंज कर रहे हैं। इस संबंध में तहसीलदार ने रिपोर्ट दी कि नायब नाजिर अशोक कुमार जौहरी को कई बार निर्देशित किया गया कि सभी रिकार्ड लेखा टीम को उपलब्ध कराकर इसका आडिट कराना सुनिश्चित करें। लेकिन जिस वर्ष का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है, वह न मिलने से ऑडिट नहीं कराया जा पा रहा है। तहसीलदार का कहना है कि यह संज्ञान में आने के बाद इस प्रकरण की जांच तत्कालीन नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश ने की थी। इसके बाद नायब नाजिर शशिकांत के खिलाफ कई अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एसडीएम का कहना है कि पहले जो रिकार्ड नहीं दिए जा रहे थे, उन्हें तलाश करा लिया गया है। अभिलेख काफी संख्या में है, इसलिए इन्हें कहीं ले जाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने इस मामले की जांच लेखा टीम से कराने जाने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
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