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फोरलेन से जुड़ेंगे सूबे के तीर्थस्थल
बरेली।
Updated Fri, 31 Mar 2017 01:15 AM IST
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Fourlen will join the shrine's shrine
- फोटो : demo pic
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सरकार ने पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के इंजीनियरों को लखनऊ से वाराणसी और झांसी से गोरखपुर तक ग्रीन फील्ड समेत सिक्स लेन एक्सप्रेस हाईवे के अलावा प्रमुख हिंदू तीर्थस्थलों को फोरलेन से जोड़ने का खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विभाग इस आदेश पर काम करना शुरू कर चुका है।
अपर मुख्य सचिव (नियोजन एवं आवास) सदाकांत द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग विजन-2020 के अंतर्गत लखनऊ से वाराणसी तक ग्रीन फील्ड के साथ सिक्स लेन एक्सप्रेस हाइवे बनाने के लिए ऐसे स्थानों का चुनाव करे जिसमें रेलवे क्रॉसिंग कम से कम हों। पीडब्ल्यूडी से सिक्स लेन एक्सप्रेस हाईवे की अनुमानित लागत के आकलन को भी कहा गया है। इसी कड़ी में झांसी से गोरखपुर तक ग्रीनफील्ड समेत सिक्सलेन एक्सप्रेस हाइवे का निर्माण भी किया जाएगा। विभाग से दोनों छह लेन सड़कों का एस्टीमेट मांगा गया है।
मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी को फोरलेन जबकि प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल वाली तहसीलों को जिला मुख्यालय तक टू लेन मार्गों से जोड़ने पर तुरंत अमल करने का आदेश है। पचास हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में बाईपास, ग्रामीण मार्गों में सुधार के काम में तेजी लाने के लिए टेंडरों में पारदर्शिता लाने के निर्देश हैं। पारदर्शिता के लिए ई-टेंडरिंग आमंत्रण, बजट लेखा, ठेकेदार पंजीकरण और निर्माण के कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए ऑनलाइन मॉडल तैयार करने को कहा गया है। सभी सड़कों को रेलवे क्रॉसिंग से मुक्त करने और पांच हजार से अधिक की लागत के सभी कार्यों एसबीडी प्रावधानों से कराने की बात भी कही गई है।
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अपर मुख्य सचिव (नियोजन एवं आवास) सदाकांत द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग विजन-2020 के अंतर्गत लखनऊ से वाराणसी तक ग्रीन फील्ड के साथ सिक्स लेन एक्सप्रेस हाइवे बनाने के लिए ऐसे स्थानों का चुनाव करे जिसमें रेलवे क्रॉसिंग कम से कम हों। पीडब्ल्यूडी से सिक्स लेन एक्सप्रेस हाईवे की अनुमानित लागत के आकलन को भी कहा गया है। इसी कड़ी में झांसी से गोरखपुर तक ग्रीनफील्ड समेत सिक्सलेन एक्सप्रेस हाइवे का निर्माण भी किया जाएगा। विभाग से दोनों छह लेन सड़कों का एस्टीमेट मांगा गया है।
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मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी को फोरलेन जबकि प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल वाली तहसीलों को जिला मुख्यालय तक टू लेन मार्गों से जोड़ने पर तुरंत अमल करने का आदेश है। पचास हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में बाईपास, ग्रामीण मार्गों में सुधार के काम में तेजी लाने के लिए टेंडरों में पारदर्शिता लाने के निर्देश हैं। पारदर्शिता के लिए ई-टेंडरिंग आमंत्रण, बजट लेखा, ठेकेदार पंजीकरण और निर्माण के कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए ऑनलाइन मॉडल तैयार करने को कहा गया है। सभी सड़कों को रेलवे क्रॉसिंग से मुक्त करने और पांच हजार से अधिक की लागत के सभी कार्यों एसबीडी प्रावधानों से कराने की बात भी कही गई है।
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