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यूपी: शादी से एक दिन पहले गांव में भरा बाढ़ का पानी, ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहुंचा दूल्हा, यहां सजाया गया मंडप
Mon, 21 Jun 2021 11:39 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 21 Jun 2021 11:39 PM IST
सार
दूल्हा और परिवार के लोग कार छोड़ ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार हुए। करीब पांच किलोमीटर तक पानी में जाकर बरात गांव पहुंची। पूरा गांव स्वागत में लगा रहा।
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कार छोड़ ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहुंचा दूल्हा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के फूलबेहड़ में बाढ़ मुसीबत बन गई है। तटबंध के अंदर के बसे दर्जनों गांव जलमग्न हैं। ऐसे में शादी-विवाहों में भी अड़चन आ रही है। मगर ग्रामीणों ने बाढ़ की विभीषिका का दुख भूल एक बिटिया के हाथ पीले कराने में भरपूर मदद की। दूल्हे की कार फंसने पर ग्रामीणों ने ट्रैक्टर -ट्राली से उसे रवाना किया।
ब्लॉक के जंगल नंबर दस टापरपुरवा निवासी रामकुमार की बेटी की शादी टहारा गांव में रहने वाले हरद्वारी लाल के बेटे से तय हुई। शादी का मुहूर्त सोमवार को था। सोमवार को टहारा गांव से धूमधाम से बरात जंगल नंबर 10 के लिए रवाना हुई। कारों में सवार होकर बराती मीलपुरवा गांव तक पहुंचे। चारों ओर पानी देख बराती ठिठक गए। घराती और ग्रामीणों ने तुरंत ट्रैक्टर ट्रॉली का इंतजाम किया। सभी मीलपुरवा पहुंच गए।
दूल्हा और परिवार के लोग कार छोड़ ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार हुए। करीब पांच किलोमीटर तक पानी में जाकर बरात गांव पहुंची। पूरा गांव स्वागत में लगा रहा। ऊंचे घर में जहां पानी नहीं था वहां मंडप सजाया गया। फेरे हुए और धूमधाम से शादी संपन्न हुई। बरात की वापसी फिर ट्रैक्टर ट्रॉली से हुई। यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी रही।
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ब्लॉक के जंगल नंबर दस टापरपुरवा निवासी रामकुमार की बेटी की शादी टहारा गांव में रहने वाले हरद्वारी लाल के बेटे से तय हुई। शादी का मुहूर्त सोमवार को था। सोमवार को टहारा गांव से धूमधाम से बरात जंगल नंबर 10 के लिए रवाना हुई। कारों में सवार होकर बराती मीलपुरवा गांव तक पहुंचे। चारों ओर पानी देख बराती ठिठक गए। घराती और ग्रामीणों ने तुरंत ट्रैक्टर ट्रॉली का इंतजाम किया। सभी मीलपुरवा पहुंच गए।
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दूल्हा और परिवार के लोग कार छोड़ ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार हुए। करीब पांच किलोमीटर तक पानी में जाकर बरात गांव पहुंची। पूरा गांव स्वागत में लगा रहा। ऊंचे घर में जहां पानी नहीं था वहां मंडप सजाया गया। फेरे हुए और धूमधाम से शादी संपन्न हुई। बरात की वापसी फिर ट्रैक्टर ट्रॉली से हुई। यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी रही।
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