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राजेंद्रनगर में फिर मिले पांच लोग संक्रमित, हड़कंप
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corona in india
- फोटो : demo photo
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बरेली। कई दिनों तक हॉटस्पॉट रहे राजेंद्रनगर में मंगलवार को फिर पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे हड़कंप मचा हुआ है। इधर, स्वास्थ्यकर्मियों और सेना के जवानों के लगातार संक्रमित होने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
जिला सर्विलांस अधिकारी के मुताबिक, मंगलवार को 128 नए संक्रमित मिले हैं। इसमें सिविल लाइंस के चार, थाना बारादरी संजयनगर में चार, भरतौल, तीन सौ बेड अस्पताल में दो, आशीष रॉयल पार्क, सेना, खार मोहल्ला, कटरा चांद खां में एक-एक, सुभाषनगर में चार, बिहारीपुर जीजीआईसी के पास चार, रमपुरा में दो, प्रभातनगर, आकाशपुरम में एक, सैदपुर में दो, इज्जतनगर में तीन, जोगीनवादा, नवाबगंज, मझगवां में एक, आनंद बिहार कॉलोनी में दो, थाना भोजीपुरा में दो, पिपलना चौधरी में दो, राजेंद्रनगर में पांच, आंवला, अरविंद पुरम कॉलोनी, रतनापुरी, कपूरपुर, मेवात, कर्मचारी नगर, फतेहगंज पश्चिमी, मोहल्ला ठाकुरान, मोहल्ला ऊंचा, मोहल्ला कानून गोयान, मोहल्ला मिरधान, फ्रीडम एंक्लेव, किला हुसैन बाग में एक-एक, आशुतोष सिटी में चार, चाहबाई, शाहाबाद, झतिया, चौपुला, रविंद्रनगर, महादेवपुर शेरगढ़ चौराहा में एक-एक, ब्रह्मपुरा में एक, मूसानगर में तीन, चौधरी मोहल्ला में एक संक्रमित मिला है। बदायूं और पीलीभीत के भी दो व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। एक अन्य मरीज की तलाश जारी है।
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जानकारी के मुताबिक कायाकल्प योजना के तहत इलाज की सुविधा, साफ-सफाई, बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण, प्रशिक्षित स्टाफ, मरीजों के साथ व्यवहार, अन्य विभागों के साथ तालमेल, अभिलेखीकरण, स्टाफ का साक्षात्कार समेत कई मानकों के आधार पर अंक दिए गए। योजना के तहत 70 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने पर ही अस्पताल को पास किया गया। साथ ही, पास होने पर अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अलग से बजट देने का भी प्रावधान है। जिला और महिला अस्पताल ने भी योजना में भाग लिया था। बीते दिनों आई टीम ने अस्पतालों का निरीक्षण किया था। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि निरीक्षण में मानकों के अनुरूप सभी कार्य मिले हैं। इसके आधार पर रैंकिंग तय हुई और पास किया गया है। अगर बजट मिलेगा तो उससे अस्पताल की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा। ब्यूरो
महिला इंजीनियर के पिता राकेश सारस्वत के मुताबिक, तबीयत खराब होने पर उन्होंने बेटी को राजेंद्रनगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि इलाज में लापरवाही से बेटी की मौत हो गई। मामले में सीएमओ कार्यालय से जांच कमेटी गठित हुई। मगर जांच कमेटी ने अस्पताल के डॉक्टरों से परिचय होने की वजह से जांच करने से ही इनकार कर दिया था। बताया कि कई माह बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई। एडी हेल्थ डॉ. जावेद के मुताबिक, उन्होंने सीएमओ से जांच कमेटी के साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष के साथ रिपोर्ट मांगी है। ब्यूरो
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जिला सर्विलांस अधिकारी के मुताबिक, मंगलवार को 128 नए संक्रमित मिले हैं। इसमें सिविल लाइंस के चार, थाना बारादरी संजयनगर में चार, भरतौल, तीन सौ बेड अस्पताल में दो, आशीष रॉयल पार्क, सेना, खार मोहल्ला, कटरा चांद खां में एक-एक, सुभाषनगर में चार, बिहारीपुर जीजीआईसी के पास चार, रमपुरा में दो, प्रभातनगर, आकाशपुरम में एक, सैदपुर में दो, इज्जतनगर में तीन, जोगीनवादा, नवाबगंज, मझगवां में एक, आनंद बिहार कॉलोनी में दो, थाना भोजीपुरा में दो, पिपलना चौधरी में दो, राजेंद्रनगर में पांच, आंवला, अरविंद पुरम कॉलोनी, रतनापुरी, कपूरपुर, मेवात, कर्मचारी नगर, फतेहगंज पश्चिमी, मोहल्ला ठाकुरान, मोहल्ला ऊंचा, मोहल्ला कानून गोयान, मोहल्ला मिरधान, फ्रीडम एंक्लेव, किला हुसैन बाग में एक-एक, आशुतोष सिटी में चार, चाहबाई, शाहाबाद, झतिया, चौपुला, रविंद्रनगर, महादेवपुर शेरगढ़ चौराहा में एक-एक, ब्रह्मपुरा में एक, मूसानगर में तीन, चौधरी मोहल्ला में एक संक्रमित मिला है। बदायूं और पीलीभीत के भी दो व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। एक अन्य मरीज की तलाश जारी है।
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कोविड एल-1 अस्पताल में शिफ्ट हुईं 91 संवासिनी
बरेली। नारी निकेतन की संक्रमित संवासिनियों को मंगलवार को रेलवे कोविड एल-1 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक साथ 91 संवासिनियों के संक्रमित मिलने से प्रशासन भी हैरान है। वहीं, संक्रमितों को शिफ्ट कराने की भी चुनौती थी। मामले में सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने एंबुलेंस के जिला प्रोग्राम मैनेजर इंद्रजीत सिंह को तत्काल बुलाकर संक्रमित संवासिनियों को भर्ती कराने की रणनीति बनाई। मंगलवार को 108 की 18 एंबुलेंस से 91 संवासिनियों को कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सीएमओ ने इसके लिए एंबुलेंस कर्मियों को सम्मानित करने की बात कही है। ब्यूरो
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कायाकल्प में जिला अस्पताल फेल, महिला अस्पताल पास
बरेली। कायाकल्प योजना के तहत सरकारी अस्पतालों की मंगलवार को शासन ने रैंक जारी की है। पास होने वाले अस्पतालों की लिस्ट में जिला अस्पताल का नाम गायब है, जबकि महिला अस्पताल को 38वीं रैंक मिली है। उसे विभिन्न मानकों में 74 प्रतिशत अंक दिए गए हैं।जानकारी के मुताबिक कायाकल्प योजना के तहत इलाज की सुविधा, साफ-सफाई, बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण, प्रशिक्षित स्टाफ, मरीजों के साथ व्यवहार, अन्य विभागों के साथ तालमेल, अभिलेखीकरण, स्टाफ का साक्षात्कार समेत कई मानकों के आधार पर अंक दिए गए। योजना के तहत 70 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने पर ही अस्पताल को पास किया गया। साथ ही, पास होने पर अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अलग से बजट देने का भी प्रावधान है। जिला और महिला अस्पताल ने भी योजना में भाग लिया था। बीते दिनों आई टीम ने अस्पतालों का निरीक्षण किया था। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि निरीक्षण में मानकों के अनुरूप सभी कार्य मिले हैं। इसके आधार पर रैंकिंग तय हुई और पास किया गया है। अगर बजट मिलेगा तो उससे अस्पताल की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा। ब्यूरो
न्यायसंगत निर्णय न होने की आशंका से नहीं की जांच
बरेली। महिला इंजीनियर की इलाज में लापरवाही से मौत के मामले में अब एक नया खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, जांच कमेटी ने निजी अस्पताल के डॉक्टर से परिचय होने की वजह से निष्पक्ष जांच कर पाने से ही इनकार कर दिया था। मानवाधिकार आयोग से हुई शिकायत में अब एडी हेल्थ से जांच रिपोर्ट मांगी गई है।महिला इंजीनियर के पिता राकेश सारस्वत के मुताबिक, तबीयत खराब होने पर उन्होंने बेटी को राजेंद्रनगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि इलाज में लापरवाही से बेटी की मौत हो गई। मामले में सीएमओ कार्यालय से जांच कमेटी गठित हुई। मगर जांच कमेटी ने अस्पताल के डॉक्टरों से परिचय होने की वजह से जांच करने से ही इनकार कर दिया था। बताया कि कई माह बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई। एडी हेल्थ डॉ. जावेद के मुताबिक, उन्होंने सीएमओ से जांच कमेटी के साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष के साथ रिपोर्ट मांगी है। ब्यूरो