Bareilly News: किसान नेता बोले- बीडीए की ज्यादती बर्दाश्त नहीं, राकेश टिकैत के सामने उठाएंगे मुद्दा
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने बीडीए पर किसानों की जमीन छीनने का आरोप लगाया है। कहा कि बीडीए की ज्यादती अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह यह मुद्दा अपने राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत के सामने उठाएंगे।
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने किसानों की परेशानी देख बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। पदाधिकारियों ने कहा कि उनके राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत मंगलवार को बरेली आ रहे हैं। बीडीए से पीड़ित किसानों के बारे में उन्हें बताएंगे। कहा कि बीडीए ने सैकड़ों किसानों से उनकी जमीन बेभाव छीन ली और उचित मुआवजा भी नहीं दिया है। भूमिहीन हुए अधिकांश किसान कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने को विवश हैं।
किसान यूनियन के नेता रविवार को पुराने रोडवेज बस अड्डे पास स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी सोमवीर सिंह ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मंगलवार सुबह 11 बजे नेहरू युवा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में आ रहे हैं। इस दौरान कृषि क्षेत्र की 17 बिंदुओं पर चर्चा होगी।
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भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि बीडीए ने 2005 में रामगंगानगर आवासीय योजना के लिए चंद्रपुर बिचपुरी, डोहरिया, अहरौला और मोहनपुर उर्फ रामनगर के करीब 1600 किसानों की 259.360 हेक्टेयर जमीन ले ली थी। इसमें अधिकांश किसानों की सहमति के बगैर उनकी खेती छीन ली। मुआवजा 7500 रुपये के बजाय 165.51 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से दिया। 150 से अधिक किसान कोर्ट चले गए हैं। 30-35 किसानों के मुकदमे में फैसला भी आ गया, जिसे बीडीए मान नहीं रहा है।
किसानों पर बनाया जा रहा दबाव
जिलाध्यक्ष ने ग्रेटर बरेली का भी मुद्दा उठाया। कहा कि इसमें कॉलोनी बसाने को बीडीए ने नौ गांव के किसानों की बिना सहमति के 267.1925 हेक्टेयर जमीन ले ली है। जमीन देने से मना करने वाले 700 से अधिक किसानों पर जिला प्रशासन दबाव बना रहा है। इन्हें नोटिस जारी कर दिया है। जिला प्रवक्ता हाजी एम. इकबाल ने कहा कि बीडीए टाउनशिप के नाम पर केवल किसानों को प्रताड़ित कर रहा है।
बताया कि रामगंगानगर आवासीय योजना के 12 सेक्टरों में सात-आठ सेक्टर अभी वीरान ही पड़े हैं। जिन सेक्टरों में लोगों ने भूल से प्लॉट लेकर घर बना लिए हैं, वह सुविधाओं को तरस रहे हैं। यूनियन के जिला महासचिव सत्यदेव सिंह, जिला संरक्षक राजेंद्र सिंह ने छुट्टा पशुओं और खाद-बीज का मुद्दा उठाया। कहा, गोशाला में पशुओं के संरक्षण के नाम पर कमाई हो रही है, अधिकांश छुट्टा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं या खेतों में फसलें बर्बाद कर रहे हैं।