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फर्जी लाइसेंस फिर भी गन हाउस में जमा कर ली हिस्ट्रीशीटर की रायफल

Mon, 27 Jul 2020 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2020 01:54 AM IST
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Fake license is still deposited in gun house, history sheet's rifle
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

फर्जी लाइसेंस फिर भी गन हाउस में जमा कर ली हिस्ट्रीशीटर की रायफल
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एडीजी के आदेश पर गन हाउस मालिक, हिस्ट्रीशीटर और उसकी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में दर्ज हुई एफआईआर
पिछले साल फर्जी लाइसेंस की जांच कर रहे इंस्पेक्टर को यही रायफल दिखाकर धमकाया था हिस्ट्रीशीटर ने

बरेली। फर्जी शस्त्र लाइसेंस की जांच कर रहे इंस्पेक्टर को थाना बारादरी के एक हिस्ट्रीशीटर ने जो रायफल दिखाकर उन्हें धमकाया था, उसे स्टेशन रोड पर एक गन हाउस में जमा करा दिया। अब लखनऊ ट्रांसफर हो चुके इंस्पेक्टर ने यह जानकारी दिए जाने के बाद एडीजी अविनाश चंद्र के आदेश पर कोतवाली में हिस्ट्रीशीटर, उसकी पत्नी और गन हाउस मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसी रायफल का लाइसेंस फर्जी होने के मामले में पिछले साल थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाला रैकेट भी चला रहा है।
बारादरी इलाके के शातिर हिस्ट्रीशीटर रामौतार के खिलाफ पिछले साल थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसकी जांच फिलहाल थाना बारादरी के एसएसआई संजय सिंह कर रहे हैं। दरअसल रामौतार के खिलाफ फर्जी लाइसेंस पर कई शस्त्र रखने का मामला सामने आया था जिसके बाद शुरुआत में इंस्पेक्टर भरत कुमार गौतम ने जांच शुरू की थी जो अब लखनऊ में एसएसपी कार्यालय की हेल्पलाइन में तैनात हैं। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान बदमाश ने गौतम पर अपने पक्ष में रिपोर्ट देने का दबाव बनाया था और इनकार करने पर राइफल ले जाकर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। इस राइफल का फर्जी लाइसेंस उसकी पत्नी राजवती उर्फ गुड्डी के नाम बताया जा रहा है।
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हाल ही में पुलिस की छानबीन के दौरान पता चला कि इंस्पेक्टर को धमकाने के बाद रामौतार ने पत्नी के नाम फर्जी लाइसेंस वाली रायफल 17 जनवरी को स्टेशन रोड पर नारायण गन हाउस में जमा करा दी। रायफल का असली लाइसेंस शाहजहांपुर में कटरा के गांव पोलिस निवासी शंखधारी धनपाल के नाम है। इसकी जानकारी इंस्पेक्टर भरत को हुई तो उन्होंने मामले की शिकायत एडीजी से की। उनके आदेश पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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पुलिस के मुताबिक रामौतार, उसका भाई शिव कुमार और गैंग के कुछ और लोग दो से पांच लाख लेकर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाने का धंधा करते हैं। फिलहाल इस मामले में जांच चल रही है। पत्नी गुड्डी ने भी पकड़े जाने पर पुलिस अधिकारियों को अपनी फर्जी आईडी दिखाकर गुमराह करने की कोशिश की थी। रामौतार और शिवकुमार को गिरफ्तार किया गया था लेकिन दोनों गाजियाबाद के कविनगर थाने से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने बताया कि अधिकारियों के आदेश पर रामौतार और गन हाउस मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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