फर्जी डिग्री प्रकरण: बरेली में भाजपा नेता शेर अली जाफरी की संपत्ति होगी जब्त, पुलिस जुटा रही रिकॉर्ड
Bareilly News: फर्जी डिग्री बांटकर छात्रों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में शेर अली जाफरी समेत छह आरोपियों की संपत्ति जब्त हो सकती है। पुलिस ने संबंधित विभागों से रिकॉर्ड मांगा है।
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बरेली के खुसरो कॉलेज में फर्जी डीफार्मा डिग्री देने के मामले में जेल भेजे गए कथित भाजपा नेता शेर अली जाफरी, उसके बेटे और गिरोह के छह सदस्यों की संपत्ति जब्त की जाएगी। इसके लिए किला थाना पुलिस ने संबंधित विभागों व दूसरे जिलों से संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा है। होली के बाद कार्रवाई संभावित मानी जा रही है।
17 जनवरी को खुसरो ग्रुप के चेयरमैन शेर अली जाफरी समेत छह लोगों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा सीबीगंज थाने में दर्ज कर विवेचना किला थाना प्रभारी को सौंपी गई थी। आरोपियों में शास्त्रीनगर निवासी शेर अली जाफरी, उसका बेटा फिरोज जाफरी, उसका पार्टनर शांति विहार निवासी विजय शर्मा और उसके कॉलेज का प्रिंसिपल विश्वनाथ शर्मा के साथ ही करीबी गुर्गा अभयपुर थाना भोजीपुरा निवासी जाकिर व मीरगंज निवासी तारिक अल्वी शामिल थे।
कई विभागों और निगम में भेजे गए पत्र
शेर अली जाफरी व उसके ग्रुप पर गैंगस्टर का मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है। किला थाना पुलिस व प्रशासन जाफरी की संपत्ति चिह्नित करने में लगा है। इसके लिए विवेचक किला इंस्पेक्टर की ओर से दूसरे जिलों में भी पत्र भेजे गए हैं। संपत्ति के रूप में आमतौर पर भवन, भूमि, वाहन, और खातों में उपलब्ध धनराशि का आकलन किया जाता है। ऐसे में संबंधित विभागों जैसे रजिस्ट्री दफ्तर, तहसील प्रशासन, नगर निगम, परिवहन विभाग और बैंकों आदि से इन सभी की संपत्ति की जानकारी मांगी गई है। जल्द ही संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी हो सकता है।
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बदायूं समेत कई शहरों में संपत्ति, हटाए ग्रुप के बैनर
शेर अली जाफरी और विजय शर्मा ने ठगी से करोड़ों रुपये कमाकर संपत्ति में निवेश किए हैं। सूत्रों के मुताबिक कई शहरों में जाफरी की संपत्तियां हैं। उसकी अधिकतर संपत्ति खुसरो ट्रस्ट के नाम से है। वह अपनी संपत्तियों पर खुसरो नाम लिखकर बोर्ड लगवा देता था। छात्रों से ठगी के मामले में जेल में बंद जाफरी को गैंगस्टर और संपत्ति जब्त होने की आशंका थी, इसलिए कई प्रतिष्ठानों से खुसरो ट्रस्ट के बोर्ड हटवा दिए हैं।
ऐसे हुआ खेल का खुलासा
जाफरी और उसके ग्रुप ने करीब पौने चार सौ छात्र-छात्राओं को डीफार्मा की फर्जी डिग्री देकर उनसे 3.70 करोड़ रुपये की ठगी कर ली थी। सभी फर्जी डिग्री खुसरो अस्पताल के नीचे संचालित केएम क्लासेस कोचिंग सेंटर में बैठकर विजय शर्मा ने बनाई थीं। छात्रों ने जब नौकरी के लिए आवेदन किया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। तब जाफरी ने खुसरो कॉलेज की मेडिकल ब्रांच के प्राचार्य विश्वनाथ शर्मा को आगे कर ठीकरा विजय शर्मा पर फोड़ने की कोशिश की।