Electricity Workers Strike: बरेली में 30000 से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति ठप, शाहजहांपुर में भी हड़ताल का असर
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति में शामिल विद्युत निगम के अभियंताओं और कर्मचारियों की हड़ताल का असर दिखने लगा है। बरेली और शाहजहांपुर जिले में शुक्रवार को हजारों घरों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर शुरू हुई हड़ताल के चलते बिजली व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। जिले के बल्लिया, भमौरा, फतेहगंज पूर्वी, पढेरा और मड़ीनाथ सबस्टेशन ब्रेकडाउन में चले गए। इसके चलते शुक्रवार को 30,000 से अधिक घरों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आंदोलन की वजह से राजस्व वसूली भी प्रभावित हुई है। बरेली जोन में आने वाले 20 डिवीजन में अधिकतर जगह बिजली बिल जमा करने वाले काउंटर बंद हो गए हैं। इसके चलते सिर्फ एक दिन में तीन करोड़ रुपए से अधिक की वसूली नहीं हो सकी।
Umesh Murder: साबरमती जेल में प्लान, 11 फरवरी को असद समेत 9 लोगों ने अशरफ से मिलकर दिया अंतिम रूप, 24 को मर्डर
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में ढाई सौ से अधिक अभियंता और कर्मचारी शामिल हैं। अधिकतर दफ्तर खाली पड़े हैं। सब स्टेशनों पर आईटीआई प्रशिक्षित ड्यूटी कर रहे हैं। इस वजह से बिजली आपूर्ति प्रभावित है।
शाहजहांपुर में भी हड़ताल से विद्युत आपूर्ति ठप
शाहजहांपुर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति में शामिल विद्युत निगम के अभियंताओं और कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखा । इस दौरान शहर में तेज हवा और बूंदाबांदी से कई लाइनों में ट्रिपिंग की समस्या पैदा हो गई।
Varun Gandhi: सांसद वरुण गांधी ने ठुकराया ऑक्सफोर्ड का निमंत्रण, बोले- देश के मुद्दे विदेश में उठाना गद्दारी
उधर मीरानपुर कटरा,कांट और चौहनापुर उपकेंद्र की 33 केवी हाईटेंशन लाइनों में सुबह दस बजे से खराबी आने के कारण नगरीय क्षेत्रों समेत तमाम गांवों की बिजली आपूर्ति पांच घंटे से ठप है। हड़ताली अभियंताओं के अनुसार संविदा बिजली कर्मचारी इन लाइनों में सुधार के लिए सक्षम नहीं हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्युत उपकेंद्रों का जायजा लेकर व्यवस्था का जायजा लिया।