.... और एक फोन पर रुक गयी टेंडर प्रक्रिया
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तीस करोड़ रुपये लागत से बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर में आठ नए उपकेंद्र बनाए जाने हैं। इनके लिए जमीन तलाशने में ही महीनों लग गए। भूमि चयन के बाद जब निर्माण शुरू कराने के लिए टेंडर मांगे गए तो प्रभावशाली और सत्ता में दखल रखने वाले ठेकेदार सामने आ गए। विभाग ने तीनों जिलों में प्रस्तावित उपकेंद्रों के लिए आठ अप्रैल को टेंडर मांगे। बताया जाता है कि कुछ ठेकेदारों ने कम अनुभव वालों के टेंडर आने पर एतराज किया तो विभाग ने प्रक्रिया दो भागों में बांटकर 15 और 16 अप्रैल को टेंडर खोले। इस बार शाहजहांपुर और बदायूं के टेंडर क्लीयर हो गए, लेकिन बरेली का मामला फंस गया। इसलिए विभाग ने 22 अप्रैल की तिथि तय कर दी।
22 अप्रैल सुबह बरेली जिले के चार उपकेंद्र निर्माण की टेंडर प्रकिया शुरू हुई। बताते हैं कि कुछ ठेकेदार लाइसेंस और अन्य कमी के चलते शर्तें पूरी नहीं कर पा रहे थे। इसलिए अचानक एक फोन लखनऊ से आया और अफसरों ने तुरंत पूरी प्रक्रिया रोक दी। इस पर टेंडर में भाग ले रहे ठेकेदारों ने शोरशराबा कर दिया। उनको बताया कि गया मामला गुरुवार को तय करेंगे। जब गुरुवार को एसई विद्युत कार्य मंडल को घेरा तो पता चला कि टेंडर फिर से होंगे। इस पर ठेकेदारों ने तीनों जिलों में नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। ठेकेदारों का आरोप है कि विभाग ने गैर अनुभवी लोगों के कागजात पूरे करने के लिए टेंडर प्रक्रिया लंबित कर दी गई है।
‘बरेली में चार उपकेंद्र निर्माण के पूरे टेंडर नहीं आए। बदायूं और शाहजहांपुर में प्रस्तावित चार उपकेंद्र निर्माण करने के लिए टेंडर पूरे आए हैं। इसलिए बरेली जिले में उपकेंद्र निर्माण के लिए फिर से टेंडर मांगे जाएंगे।’- राम सरन, एसई, विद्युत कार्य मंडल