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अस्थाई शिक्षकों पर फिर मुश्किल में प्राचार्य
बरेली
Updated Fri, 27 Mar 2015 01:50 AM IST
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बरेली कॉलेज के शिक्षक संघ महामंत्री डॉ. वीपी सिंह ने अस्थाई शिक्षकों को लेकर फिर से प्राचार्य को मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने प्राचार्य को मांगपत्र देकर कहा है कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं में अस्थाई शिक्षकों से 20 से ज्यादा ड्यूटी नहीं कराई जाएं। यह पहला मामला नहीं है जब स्थाई शिक्षकों के संघ के महामंत्री ने अस्थाई शिक्षकों को लेकर यह मुद्दा उठाया है। इससे पहले उन्होंने वरिष्ठता और कनिष्ठता के तर्क पर अस्थाई शिक्षकों को स्थाई शिक्षकों के साथ परीक्षा ड्यूटी में न लगाने की मांग भी की थी और तीन दिन पहले एक मामले में एक अस्थाई शिक्षक को शिक्षक नेताओं से माफी मांगने के लिए विवश किया गया, जिससे अस्थाई शिक्षकों में रोष बना हुआ है। इसके बावजूद महामंत्री डॉ. सिंह का कहना है कि उनके लिए स्थाई और अस्थाई कोई मुद्दा नहीं है।
शिक्षक संघ महामंत्री ने प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव को मांगपत्र देकर कहा है कि कॉलेज में रेगुलर छात्रों की संख्या 15060 है, इस लिहाज से विश्वविद्यालय परीक्षाओं में अस्थाई शिक्षकों की सिर्फ 20 ड्यूटी बनती हैं, इसलिए उनसे इतनी ही ड्यूटी कराई जाएं। प्राचार्य ने उनसे छात्रों और शिक्षकों की गणना करने के बाद ही इस मामले में कोई निर्णय लेने का आश्वासन दिया है लेकिन इस मांग के बाद यह साबित हो गया है कि शिक्षक संघ के निशाने पर फिर से अस्थाई शिक्षक हैं। वहीं, प्राचार्य इस मांग पर इसलिए उलझ गए हैं क्योंकि अब तक परीक्षाओं में अस्थाई शिक्षकों की 16 ड्यूटी हो चुकी हैं। अगर वह सिर्फ चार ड्यूटी और कराते हैं तो बाकी परीक्षाएं कराने के लिए उन्हें पूरी तरह से स्थाई शिक्षकों पर ही निर्भर रहना होगा, जिसमें सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को वह समझ रहे हैं।
संस्थागत छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में अस्थाई शिक्षकों की जितनी भागीदारी है, उसकी गणना के बाद हमारे मुताबिक परीक्षाओं में उनकी सिर्फ 20 ड्यूटी बनती हैं, इसलिए यह मांग प्राचार्य से की है लेकिन इस मांग के पीछे शिक्षक संघ के लिए स्थाई और अस्थाई शिक्षकों का कोई मुद्दा नहीं है। इसे बेवजह प्रचारित किया जा रहा है।
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-डॉ. वीपी सिंह, महामंत्री शिक्षक संघ
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शिक्षक संघ के महामंत्री का मांगपत्र मिला है कि परीक्षाओं में अस्थाई शिक्षकों की सिर्फ 20 ड्यूटी ही लगाई जाएं। हम उनके तर्क के आधार पर शिक्षकों और छात्र संख्या की गणना करा रहे हैं। अगर उनका तर्क ठीक है और ऐसा करना व्यावहारिक होगा, तभी इस मामले में कोई निर्णय लेंगे।
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शिक्षक संघ महामंत्री ने प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव को मांगपत्र देकर कहा है कि कॉलेज में रेगुलर छात्रों की संख्या 15060 है, इस लिहाज से विश्वविद्यालय परीक्षाओं में अस्थाई शिक्षकों की सिर्फ 20 ड्यूटी बनती हैं, इसलिए उनसे इतनी ही ड्यूटी कराई जाएं। प्राचार्य ने उनसे छात्रों और शिक्षकों की गणना करने के बाद ही इस मामले में कोई निर्णय लेने का आश्वासन दिया है लेकिन इस मांग के बाद यह साबित हो गया है कि शिक्षक संघ के निशाने पर फिर से अस्थाई शिक्षक हैं। वहीं, प्राचार्य इस मांग पर इसलिए उलझ गए हैं क्योंकि अब तक परीक्षाओं में अस्थाई शिक्षकों की 16 ड्यूटी हो चुकी हैं। अगर वह सिर्फ चार ड्यूटी और कराते हैं तो बाकी परीक्षाएं कराने के लिए उन्हें पूरी तरह से स्थाई शिक्षकों पर ही निर्भर रहना होगा, जिसमें सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को वह समझ रहे हैं।
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संस्थागत छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में अस्थाई शिक्षकों की जितनी भागीदारी है, उसकी गणना के बाद हमारे मुताबिक परीक्षाओं में उनकी सिर्फ 20 ड्यूटी बनती हैं, इसलिए यह मांग प्राचार्य से की है लेकिन इस मांग के पीछे शिक्षक संघ के लिए स्थाई और अस्थाई शिक्षकों का कोई मुद्दा नहीं है। इसे बेवजह प्रचारित किया जा रहा है।
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-डॉ. वीपी सिंह, महामंत्री शिक्षक संघ
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शिक्षक संघ के महामंत्री का मांगपत्र मिला है कि परीक्षाओं में अस्थाई शिक्षकों की सिर्फ 20 ड्यूटी ही लगाई जाएं। हम उनके तर्क के आधार पर शिक्षकों और छात्र संख्या की गणना करा रहे हैं। अगर उनका तर्क ठीक है और ऐसा करना व्यावहारिक होगा, तभी इस मामले में कोई निर्णय लेंगे।
-डॉ. सोमेश यादव, प्राचार्य