फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   education

शायर ने बेटे को पढ़ाया कामयाबी का पाठ

Tue, 19 May 2015 01:34 AM IST
बरेली
बरेली Updated Tue, 19 May 2015 01:34 AM IST
विज्ञापन

 आईसीएसई 10 वीं का टॉपर याहया का मन पढ़ाई से ज्यादा क्रिकेट खेलने और टेलिविजन देखने में लगता है। इसके लिए मां उसको रोजाना बार-बार डांटती थीं कि पेपर होने वाले हैं, आखिर कब पढ़ोगे लेकिन मनमौजी याहया का मन पढ़ाई में कम ही लगता। उसने बताया- मां जब डांटती थी, तो पापा प्यार से समझा देते- तुम्हारा शौक है तो खूब खेलो। टीवी भी देखो लेकिन इतना जान लो कि अगर पढ़ोगे तो अपने लिए। यही पढ़ाई भविष्य में तुम्हारे ही काम आएगी। पापा की यही बात उसके लिए सीख बन गई। उनकी नसीहत को अपने मन में ऐसा समाया कि कक्षा सात के बाद हमेशा अपनी क्लास में अव्वल आकर दिखाया। याहया ने बताया कि पढ़ाई यह सोचकर की कि मैं जितना पढूंगा, अपने भले के लिए। एग्जाम के दिनों में सिर्फ पांच घंटे पढ़ाई की लेकिन पूरे मन से पढ़ा। शहर की न्यू आजादपुरम कालोनी में रहने वाले मोहम्मद याहया शायर शम्स बदायूंनी यानी डॉ. एएम शम्स के बेटे हैं। बेटे की सफलता से बेहद खुश डॉ. शम्स ने बताया- याहया से इसके टीचर्स कहते थे, हम तो तुम्हें तब होशियार मानें, जब तुम्हारा फोटो अखबार में छपे। इसने उनकी बात पूरी कर दी। भविष्य में डॉक्टर बनने का सपना संजोए याहया की दो बहनें एमबीबीएस कर रही हैं। मां यास्मीन गृहणी हैं। याहया को हिंदी में महज 96 और अंग्रेजी में 94 अंक ही मिलने का अफसोस है। उसे इन दोनों विषयों में 100-100 अंक की उम्मीद थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed