{"_id":"5d8a7d938ebc3e01586efee2","slug":"education-crime-bareilly-news-bly377447063","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुहेलखंड विश्वविद्यालय- रैगिंग के आरोप साबित हुए तो होगी रिपोर्ट, जाना पड़ेगा जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुहेलखंड विश्वविद्यालय- रैगिंग के आरोप साबित हुए तो होगी रिपोर्ट, जाना पड़ेगा जेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। रैगिंग के आरोपों में फंसे रुहेलखंड विश्वविद्यालय में फार्मेसी और बीटेक छात्रों को हॉस्टल से निष्कासन के बाद अब क्लास से सस्पेंड करने की तैयारी चल रही है। चीफ प्रॉक्टर का चार्ज लेने के बाद प्रोफेसर ब्रजेश त्रिपाठी इस पर निर्णय लेंगे। रैगिंग के आरोपी तीन में से दो छात्रों ने हॉस्टल से अधिकांश सामान हटा लिया है और तीसरा छात्र अपने घर चला गया है। वहीं, मामले को लेकर समझौते की कोशिशें भी चल रही हैं क्योंकि जांच में रैगिंग साबित होने पर रिपोर्ट दर्ज होगी और इन छात्रों को जेल जाना पड़ सकता है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एमबीए प्रथम वर्ष और बीटेक थर्ड ईयर के कुछ छात्रों के बीच काफी दिन से विवाद चल रहा है। बीटेक थर्ड ईयर के ये छात्र एमबीए फर्स्ट ईयर के छात्रों को रोककर पहले भी नाम-पता पूछने और रौब दिखाने की कोशिश की थी। सोमवार को भी ऐसी ही घटना हुई और बीटेक के छात्रों ने फार्मेसी के छात्रों के साथ एमबीए के विद्यार्थियों को रोककर गाली-गलौज कर नाम-पता पूछा था। लिखित शिकायत पर चीफ वार्डेन प्रो. एके जैतली ने आरोपी छात्र रतन गुप्ता, आदर्श और आयुष को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया। साथ ही विभाग के डीन प्रो. एसके पांडेय को पत्र लिखकर आरोपी छात्रों को चार दिन के लिए सस्पेंड कर जांच कराने को कहा था। छात्रों को सस्पेंड करने का अधिकार चीफ प्रॉक्टर के पास होता है और प्रो. बीआर कुकरेती रिटायर हो चुके हैं। अब इस पर निर्णय नए चीफ प्रॉक्टर प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी लेंगे। विश्वविद्यालय के सुरक्षा प्रभारी सुधांशु शर्मा ने बताया कि निष्कासन आदेश के बाद दो छात्र आधे से ज्यादा सामान ले जा चुके हैं, बाकी सामान बुधवार को ले जाएंगे। एक छात्र घर चला गया है, उससे भी कमरा खाली कराया जाएगा।
शुरू हुआ सिफारिशों का दौर
रैगिंग के मामले में हॉस्टल से निष्कासन के बाद अगर शिकायत सही साबित हुई तो आरोपी छात्रों पर रिपोर्ट दर्ज होगी और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। इस कार्रवाई से बचने के लिए अब समझौते के प्रयास शुरू हो गए हैं। बताया जाता है कि आरोपी छात्र विभाग में पीड़ित छात्रों से माफी मांगकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश में हैं।
विज्ञापन
प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी नए चीफ प्रॉक्टर
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीआर कुकरेती के रिटायर होने के बाद करीब दस दिन से यह पद खाली पड़ा हुआ है। उनकी जगह अब प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी चीफ प्रॉक्टर की जिम्मेदारी संभालेंगे। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने बताया कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड में प्रो. त्रिपाठी सबसे वरिष्ठ हैं इसलिए यह जिम्मेदारी उन्हें दी जा रही है।
आरोपी छात्र हॉस्टल से पहले ही निष्कासित हो चुके हैं। मामले की जांच को कहा गया है। चीफ प्रॉक्टर का चार्ज लेने के बाद प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी इस पर निर्णय लेंगे। - प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
विज्ञापन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एमबीए प्रथम वर्ष और बीटेक थर्ड ईयर के कुछ छात्रों के बीच काफी दिन से विवाद चल रहा है। बीटेक थर्ड ईयर के ये छात्र एमबीए फर्स्ट ईयर के छात्रों को रोककर पहले भी नाम-पता पूछने और रौब दिखाने की कोशिश की थी। सोमवार को भी ऐसी ही घटना हुई और बीटेक के छात्रों ने फार्मेसी के छात्रों के साथ एमबीए के विद्यार्थियों को रोककर गाली-गलौज कर नाम-पता पूछा था। लिखित शिकायत पर चीफ वार्डेन प्रो. एके जैतली ने आरोपी छात्र रतन गुप्ता, आदर्श और आयुष को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया। साथ ही विभाग के डीन प्रो. एसके पांडेय को पत्र लिखकर आरोपी छात्रों को चार दिन के लिए सस्पेंड कर जांच कराने को कहा था। छात्रों को सस्पेंड करने का अधिकार चीफ प्रॉक्टर के पास होता है और प्रो. बीआर कुकरेती रिटायर हो चुके हैं। अब इस पर निर्णय नए चीफ प्रॉक्टर प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी लेंगे। विश्वविद्यालय के सुरक्षा प्रभारी सुधांशु शर्मा ने बताया कि निष्कासन आदेश के बाद दो छात्र आधे से ज्यादा सामान ले जा चुके हैं, बाकी सामान बुधवार को ले जाएंगे। एक छात्र घर चला गया है, उससे भी कमरा खाली कराया जाएगा।
विज्ञापन
शुरू हुआ सिफारिशों का दौर
रैगिंग के मामले में हॉस्टल से निष्कासन के बाद अगर शिकायत सही साबित हुई तो आरोपी छात्रों पर रिपोर्ट दर्ज होगी और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। इस कार्रवाई से बचने के लिए अब समझौते के प्रयास शुरू हो गए हैं। बताया जाता है कि आरोपी छात्र विभाग में पीड़ित छात्रों से माफी मांगकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश में हैं।
विज्ञापन
प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी नए चीफ प्रॉक्टर
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीआर कुकरेती के रिटायर होने के बाद करीब दस दिन से यह पद खाली पड़ा हुआ है। उनकी जगह अब प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी चीफ प्रॉक्टर की जिम्मेदारी संभालेंगे। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने बताया कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड में प्रो. त्रिपाठी सबसे वरिष्ठ हैं इसलिए यह जिम्मेदारी उन्हें दी जा रही है।
आरोपी छात्र हॉस्टल से पहले ही निष्कासित हो चुके हैं। मामले की जांच को कहा गया है। चीफ प्रॉक्टर का चार्ज लेने के बाद प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी इस पर निर्णय लेंगे। - प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय