15 साल के अनुभवी मास्टर जी, हिंदी में भी नहीं ला पाए 'पास मार्क्स'
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बरेली के परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी ‘बखूबी’ संभालने का दावा करने वाले शिक्षकों की पोल कक्षा शिक्षण मूल्यांकन की परीक्षा ने खोल दी। इसमें 10 से 15 वर्षों तक शिक्षण कार्य का अनुभव रखने वाले शिक्षक भी फेल हो गए हैं। इस परीक्षा का मूल्यांकन करने के लिए खुद सीडीओ सत्येंद्र कुमार फरीदपुर डाइट में मौजूद रहे।
पिछले दिनों अकादमिक रिसोर्स पर्सन की संपन्न हुई लिखित परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों के लिए फरीदपुर डाइट पर कक्षा शिक्षण मूल्यांकन की परीक्षा हुई। यहां सीडीओ और एसडीएम फरीदपुर विशु राजा ने खुद ही परीक्षा की मॉनीटरिंग की। डाइट में हुए माइक्रो टीचिंग (शैक्षणिक मूल्यांकन) में शामिल शिक्षक, जिनके पास शिक्षण कार्य का सालों का अनुभव था, भी फेल हो गए।
इसमें क्यारा के लाल बहादुर गंगवार, धर्मपाल सिंह यादव, राजबाला, रमेश सागर, मझगवां के देवेंद्र पाल सिंह, संघ मित्र गौतम, फतेहगंज के सुम्मेर लाल राठौर, नवाबगंज की डॉ. शीला रानी, दमखोदा के मोहम्मद हसन असफल घोषित हुए हैं। पास हुए शिक्षकों का साक्षात्कार भी संपन्न हो गया है। बताया जाता है कि साक्षात्कार में सभी को पास कर दिया गया है। सोमवार को पास हुए अभ्यर्थियों की फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
किस विषय में कितने शिक्षक पास, कितने फेल
अकादमिक रिसोर्स पर्सन के लिए संपन्न हुई विषयवार परीक्षा में सबसे सरल माने जाने वाली परीक्षा सामाजिक विषय में गुरु जी कमाल नहीं दिखा सके। इसमें 22 अभ्यर्थी शामिल हुए, लेकिन छह शिक्षक ही इस परीक्षा को पास कर सके। वहीं गणित में 23 शामिल हुए और 19 पास, विज्ञान में 17 शामिल हुए और 13 पास, हिंदी में आठ शामिल हुए चार पास, अंग्रेजी में छह शामिल हुए और तीन पास हुए हैं।