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बरेली कॉलेज : इतिहास की क्लास फुल.. दूसरे कमरे में बैठाने पड़े छात्र-छात्राएं
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बरेली। बरेली कॉलेज में यूं तो अधिकांश कक्षाएं खाली पड़ी रहती हैं, लेकिन शनिवार को इतिहास की कक्षा में सौ से ज्यादा बच्चे पहुंच गए। इतने विद्यार्थी देख कक्षा में मौजूद शिक्षक के हाथ-पैर फूल गए क्योंकि उनके बैठने का इंतजाम ही नहीं था। उन्होंने चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा को सूचना दी तो बड़े कमरे में क्लास लगवाई गई।
कक्षाओं में कम छात्र-छात्राओं के पहुंचने के चलते बरेली कॉलेज के कुछ सेक्शन में सौ से ज्यादा विद्यार्थी शामिल कर दिए गए हैं। ऐसा ही बीए प्रथम वर्ष इतिहास का सेक्शन ए टू है। शनिवार को इस कक्षा में डॉ. अशोक कुमार पढ़ाने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं मौजूद हैं, जबकि एक कमरे में 70-80 छात्रों के बैठने की व्यवस्था होती है। तीन छात्रों की बेंच पर चार-चार बैठे थे, फिर भी तमाम छात्र-छात्राएं खड़े थे। इस स्थिति में पढ़ाना संभव नहीं था। लिहाजा डॉ. अशोक ने चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा को सूचना दी तो उन्होंने प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा को जानकारी देकर फौरन ही क्लास को बड़े कमरे में शिफ्ट कराया।
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कक्षाओं में कम छात्र-छात्राओं के पहुंचने के चलते बरेली कॉलेज के कुछ सेक्शन में सौ से ज्यादा विद्यार्थी शामिल कर दिए गए हैं। ऐसा ही बीए प्रथम वर्ष इतिहास का सेक्शन ए टू है। शनिवार को इस कक्षा में डॉ. अशोक कुमार पढ़ाने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं मौजूद हैं, जबकि एक कमरे में 70-80 छात्रों के बैठने की व्यवस्था होती है। तीन छात्रों की बेंच पर चार-चार बैठे थे, फिर भी तमाम छात्र-छात्राएं खड़े थे। इस स्थिति में पढ़ाना संभव नहीं था। लिहाजा डॉ. अशोक ने चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा को सूचना दी तो उन्होंने प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा को जानकारी देकर फौरन ही क्लास को बड़े कमरे में शिफ्ट कराया।
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