{"_id":"5d659ca78ebc3e0142325800","slug":"education-bareilly-news-bly37384124","type":"story","status":"publish","title_hn":"नॉइज पल्यूशन और जल प्रदूषण में उलझे छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नॉइज पल्यूशन और जल प्रदूषण में उलझे छात्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बीएससी बॉटनी के थर्ड पेपर में छात्र-छात्राएं नॉइज पल्यूशन और जल प्रदूषण में उलझ गए। इस दौरान कुछ छात्र-छात्राओं ने शिकायत भी लेकिन उन्हें समझाकर मामला रफा-दफा कर दिया गया।
इन दिनों रुहेलखंड विश्वविद्यालय की इम्प्रूवमेंट की परीक्षाएं चल रही हैं। मंगलवार को दूसरी पाली में बीएससी फाइनल का बॉटनी का थर्ड पेपर भी था। लघु उत्तरीय प्रश्नों में एक प्रश्न पर आकर छात्र-छात्राएं उलझ गए। इसमें अंग्रेजी में बायोलॉजिकल इफेक्ट ऑफ नॉइज पल्यूशन पूछा गया लेकिन नीचे हिंदी में जल प्रदूषण का जैविक प्रभाव पूछा गया था। इसको लेकर छात्र-छात्राएं उलझ गए कि वे जल प्रदूषण का जैविक प्रभाव बताएं या ध्वनि प्रदूषण का। इसको लेकर शाहजहांपुर के एक शिक्षक ने फेसबुक पर टिप्पणी लिखकर कटाक्ष भी किया गया है कि क्या हमारे शिक्षक शुद्ध पेपर भी नहीं बना सकते। वहीं, मंगलवार को बरेली कॉलेज में पहली पाली 2500 और दूसरी पाली में 1350 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
इन दिनों रुहेलखंड विश्वविद्यालय की इम्प्रूवमेंट की परीक्षाएं चल रही हैं। मंगलवार को दूसरी पाली में बीएससी फाइनल का बॉटनी का थर्ड पेपर भी था। लघु उत्तरीय प्रश्नों में एक प्रश्न पर आकर छात्र-छात्राएं उलझ गए। इसमें अंग्रेजी में बायोलॉजिकल इफेक्ट ऑफ नॉइज पल्यूशन पूछा गया लेकिन नीचे हिंदी में जल प्रदूषण का जैविक प्रभाव पूछा गया था। इसको लेकर छात्र-छात्राएं उलझ गए कि वे जल प्रदूषण का जैविक प्रभाव बताएं या ध्वनि प्रदूषण का। इसको लेकर शाहजहांपुर के एक शिक्षक ने फेसबुक पर टिप्पणी लिखकर कटाक्ष भी किया गया है कि क्या हमारे शिक्षक शुद्ध पेपर भी नहीं बना सकते। वहीं, मंगलवार को बरेली कॉलेज में पहली पाली 2500 और दूसरी पाली में 1350 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी।
विज्ञापन